अमेरिका में Meta के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी के स्मार्ट चश्मों से रिकॉर्ड की गई यूज़र्स की वीडियो क्लिप्स कुछ बाहरी कर्मचारियों द्वारा देखी जा रही थीं. इन वीडियो में कई लोगों के बेहद निजी पल भी शामिल थे. यह खबर सामने आने के बाद कई यूज़र्स ने कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल उठाए हैं. क्या है ये पूरा मामला चलिए आपको बताते हैं.
दरअसल, कुछ दिनों पहले केन्या में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों ने दावा किया था कि उन्होंने ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें लोग बेहद निजी पलों में नजर आए. क्योंकि ये क्लिप्स टेक कॉन्ट्रैक्टर Sama के कर्मचारियों के पास भेजी गई थी. ये कर्मचारी 'डेटा एनोटेटर' के रूप में काम करते हैं और उन्हें वीडियो देखकर लेबल लगाने के लिए पैसे दिए जाते हैं. इन कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें इस वीडियो में बेहद निजी मोमेंट्स यानी सब कुछ देखने को मिला है.

यही बात मीडिया में फैली और फिर Meta के खिलाफ यह मुकदमा 4 मार्च को अमेरिका में दर्ज किया गया. यह केस जीना बार्टोन और माटेओ कानू नाम के दो लोगों ने दायर किया है. इस मामले में उनकी तरफ से Clarkson Law Firm कानूनी लड़ाई लड़ रही है. इस लॉ फर्म ने पहले भी कई बड़ी टेक कंपनियों जैसे Apple, Google और OpenAI के खिलाफ मुकदमे दायर किए हैं.
इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि Meta ने अपने स्मार्ट ग्लासेस का प्रचार करते समय “प्राइवेसी के लिए डिजाइन किया गया है” और “यूज़र के कंट्रोल में रहता है.” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था मानो कि यूज़र्स को लगे कि उनका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. शिकायत करने वालों का कहना है कि इन दावों की वजह से यूज़र्स को यह भरोसा हो गया कि उनके द्वारा रिकॉर्ड किया गया हर वीडियो पूरी तरह निजी रहेगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. लोगों के प्राइवेट मोमेंट्स पब्लिक हो रहे हैं. यह प्राइवेसी का सबसे बड़ा उल्लंघन है.
Meta का जवाब
हालांकि Meta ने सीधे तौर पर इस मुकदमे पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कंपनी के प्रवक्ता क्रिस्टोफर स्ग्रो ने इस मामले पर बयान दिया है कि जब तक यूज़र खुद अपनी रिकॉर्ड की गई वीडियो या फोटो Meta या किसी अन्य व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करता, तब तक वह कंटेंट यूज़र के अपने डिवाइस में ही रहता है.
कंपनी के अनुसार अगर कोई यूज़र Meta AI फीचर के साथ कंटेंट शेयर करता है, तभी उस डेटा को कभी-कभी कॉन्ट्रैक्टर कर्मचारियों द्वारा देखा जा सकता है. इसका उद्देश्य AI सिस्टम को बेहतर बनाना और यूज़र अनुभव को सुधारना होता है. Meta का यह भी कहना है कि वह लोगों की प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं