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ChatGPT बच्चों को बना रहा है अपना शिकार, 8 राज्यों ने ठोका मुकदमा, आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

अमेरिका के 8 राज्यों ने OpenAI के खिलाफ बच्चों को गुमराह करने और खुदकुशी के तरीके सिखाने के आरोप में केस दर्ज किया है. जिससे ChatGPT भारी परेशानी में घिरता नजर आ रहा है.

ChatGPT बच्चों को बना रहा है अपना शिकार, 8 राज्यों ने ठोका मुकदमा, आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
मुसीबत में फंसा ChatGPT
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दुनिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI एक बहुत बड़ी कानूनी मुसीबत में घिर गई है. अमेरिका के आठ राज्यों ने AI दिग्गज कंपनी OpenAI के खिलाफ कोर्ट में मुकदमे दर्ज कराए हैं. इन मुकदमों में आरोप लगाया गया है कि कंपनी का बेहद फेमस चैटबॉट मॉडल ChatGPT बच्चों को नुकसान पहुंचाकर और वयस्कों को गुमराह करके कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानून का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है.

मुकदमों में शामिल एक राज्य की याचिका के अनुसार, ChatGPT यूजर्स को बेहद खतरनाक मेडिकल सलाह दे रहा है, उनके भीतर मानसिक भ्रम को बढ़ावा दे रहा है. साथ ही लोगों को दूसरों को नुकसान पहुंचाने या खुदकुशी करने के तरीके सिखा रहा है. इसके साथ ही, याचिका में ये भी कहा गया है कि ये चैटबॉट खुद को बेहद मिलनसार और दयालु दिखाने का नाटक करता है, जबकि वास्तव में ये समाज के कमजोर और संवेदनशील लोगों को अपना शिकार बना रहा है. अटॉर्नी जनरल ब्रेना बर्ड ने एक आधिकारिक बयान में कड़े शब्दों में कहा है कि OpenAI बच्चों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है और वे देश के नागरिकों से लगातार झूठ बोल रहे हैं.

अमेरिका के कई राज्यों में मुकदमा दर्ज

इस कानूनी कार्रवाई के तहत अमेरिका के कई राज्यों ने अपनी अदालतों में OpenAI के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं. इनमें एरिजोना, अर्कांसस, इडाहो, कंसास, मोंटाना, नेब्रास्का और वेस्ट वर्जीनिया शामिल हैं. एरिजोना राज्य ने अपने मुकदमे में खासतौर से रेखांकित किया है कि ChatGPT टीन को अपनी पर्सनल और सेंसेटिव जानकारियां शेयर करने के लिए उकसाता है. इसके साथ ही, चैटबॉट कई बार बच्चों को ये सीक्रेट्स अपने माता-पिता, दोस्तों या सरकारी अधिकारियों के साथ शेयर न करने के लिए भी बहकाता है. मुकदमों के अनुसार, अभी ChatGPT दुनिया का सबसे लोकप्रिय और इस्तेमाल होने वाला चैटबॉट है, जिसका अकेले ही अमेरिकी बाजार के लगभग आधे हिस्से पर कब्जा है.

मेटा के समझौते के बाद उठाया गया कदम

इस तरह के यूनाइटेड और मल्टी-स्टेट मुकदमों का इतिहास टेक्नोलॉजी कंपनियों को सुधारने में काफी मददगार साबित हुआ है. इससे पहले अगस्त में, फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta ने किशोरों में सोशल मीडिया की लत को लेकर चल रहे एक मुकदमे को समाप्त करने के लिए 18 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के तहत मेटा ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कई मजबूत कदम उठाने पर अपनी सहमति जताई थी.

इस कानूनी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए OpenAI के प्रवक्ता Drew Pusateri ने कहा कि कंपनी बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि वे AI नीतियों को डेवलप करने के लिए अमेरिकी राज्यों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. हालांकि ये नीतियां किसी एक कंपनी पर नहीं, बल्कि पूरी AI इंडस्ट्री पर समान रूप से लागू हों.

क्या है OpenAI का सुरक्षा पर पक्ष?

OpenAI का कहना है कि उसने पहले से ही बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए ChatGPT के भीतर कई सुरक्षा कवच और फिल्टर लगाए हैं, जिन्हें लगातार अपग्रेड किया जा रहा है. कंपनी के नियमों के अनुसार, ChatGPT का इस्तेमाल केवल 13 वर्ष या उससे अधिक उम्र के यूजर्स ही कर सकते हैं. जबकि 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों को इसे इस्तेमाल करने के लिए अपने माता-पिता या अभिभावक की लिखित अनुमति की आवश्यकता होती है.

किशोरों के प्रोफाइल के लिए विशेष सुरक्षा फिल्टर लगाए गए हैं ताकि उन्हें हिंसक सामग्री, खुद को नुकसान पहुंचाने के विचारों, इटिंग डिसऑर्डर और अश्लील या ग्राफिक्स से पूरी तरह दूर रखा जा सके. कंपनी का दावा है कि ChatGPT इस्तेमाल करने वाले हर 10 में से लगभग 9 किशोर इसका इस्तेमाल केवल पढ़ाई, जानकारी जुटाने, नया हुनर सीखने या अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए ही करते हैं. कोई भी किशोर इस चैटबॉट पर रोजाना 15 मिनट से भी कम समय बिताता है. इसके साथ ही, लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल करने पर ऐप में स्क्रीन टाइम ब्रेक रिमाइंडर्स भी दिए जाते हैं.

AI पर लगाम लाने के लिए टेक एक्सपर्ट्स लगातार बात कर रहे हैं. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इन कंपनियों के लिए पॉलिसी जरूरी हो जाती है. खासतौर पर बच्चे इसका कैसे इस्तेमाल करते हैं, उसको लेकर एक क्लियर गाइडलाइन होनी जरूरी है. हालांकि, इस केस में आगे क्या मोड़ आता है, वह देखने वाली बात होगी. लेकिन अभी के लिए पैरेंट्स को ही अपने बच्चों पर ध्यान होगा. उन्हें देखना होगा कि उनके बच्चे एआई चैटबॉट से किस तरह की बातचीत कर रहे हैं.

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