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AI में पिछड़ने से लेकर महंगे iPhone तक.. Apple के नए बॉस के सामने 5 बड़ी चुनौतियां

Apple के 9 सितंबर के लॉन्च इवेंट में नए CEO John Ternus पहली बार कीनोटे की कमान संभालेंगे. टिम कुक के बाद कंपनी के सामने नए Siri AI फीचर्स, फोल्डेबल iPhone और ग्लोबल सप्लाई व रेगुलेटरी चुनौतियों से निपटने का बड़ा दारोमदार होगा.

AI में पिछड़ने से लेकर महंगे iPhone तक.. Apple के नए बॉस के सामने 5 बड़ी चुनौतियां

Apple का बड़ा इवेंट 9 सितंबर को होने वाला है. इस दौरान कई iPhone को कंपनी लॉन्च करेगी. कई सालों के बाद ये पहली बार होगा जब Tim Cook कंपनी के नए प्रोडक्ट्स को पेश नहीं करेंगे. उनकी जगह John Ternus साल के इस सबसे बड़े इवेंट में Apple के नए CEO के रूप में डेब्यू करेंगे. उनसे उम्मीदें काफी ज्यादा हैं.

John Ternus की राह आसान नहीं

John Ternus ऐसे समय में कमान संभाल रहे हैं जब Apple पर AI के इस नए दौर में अपने प्रोडक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने का भारी दबाव है. जुलाई में iPhone निर्माता कंपनी इतिहास में 5 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप छूने वाली दूसरी कंपनी बन गई थी. इसने एनालिस्ट्स और निवेशकों की उम्मीदों को काफी बढ़ा दिया है. हार्डवेयर इंजीनियरिंग में टर्नस के बैकग्राउंड को देखते हुए कई लोगों का मानना है कि उनका कार्यकाल Apple के लिए इनोवेशन के एक नए युग की शुरुआत कर सकता है. 

इस हफ्ते के इवेंट की चमक-दमक के बाद John Ternus को Apple के लिए अपनी दिशा को तेजी से मजबूत करना होगा. कंपनी के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. जिनमें यूरोप में रेगुलेटरी रुकावटें और मेमोरी चिप्स की किल्लत शामिल हैं.

AI की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती

टर्नस का इंजीनियरिंग अनुभव Apple के लिए एक बड़ा फायदा साबित हो सकता है, क्योंकि पिछले दो सालों से AI को लेकर कंपनी की सुस्त रफ्तार पर काफी सवाल उठ रहे हैं. पिछले साल कंपनी ने Siri के नए वर्जन में देरी की थी, जो अब इस स्प्रिंग में लॉन्च होने वाला है. Apple अक्सर अपनी सर्विस और सॉफ्टवेयर के हिसाब से ही अपने डिवाइसेज और चिप्स डिजाइन करता है, ऐसे में हार्डवेयर में टर्नस का एक्सपीरियंस AI फ्रेंडली नए डिवाइसेज तैयार करने में काफी अहम हो सकता है. शॉर्ट टर्म में Apple इस AI रेस में बढ़त बनाने के लिए पूरी तरह Siri पर भरोसा कर रहा है. ये रीवैम्प्ड AI असिस्टेंट सवालों के पर्सनलाइज्ड जवाब देने के लिए यूजर के iPhone के डेटा का इस्तेमाल करेगा.

नए ब्लॉकबस्टर प्रोडक्ट करने होंगे लॉन्च

सबसे बढ़कर, हर किसी की नजरें टर्नस पर होंगी कि वे कोई नया ब्लॉकबस्टर प्रोडक्ट लेकर आएं. कुक को iPhone को एक ऐसे बिजनेस में बदलने के लिए याद रखा जाएगा जो हर साल सैकड़ों अरब डॉलर की कमाई करता है. Apple Music, Apple Card, Apple Watch और AirPods जैसे सर्विसेज और एक्सेसरीज के बड़े नेटवर्क को लॉन्च करके कुक ने iPhone को रोजमर्रा की जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बना दिया.

फिर भी निवेशकों और एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि टर्नस फोल्डेबल iPhone जैसे नए प्रोडक्ट्स के जरिए एक नया पुश देंगे. IDC का अनुमान है कि फोल्डेबल फोन मार्केट में सालों पीछे रहने के बावजूद Apple 2027 तक इस सेगमेंट की 40% हिस्सेदारी हासिल कर लेगा, जबकि Samsung और चीनी दिग्गज Huawei इस रेस में काफी पहले से मौजूद हैं.

मेमोरी सप्लाई की किल्लत बनेगी ज्यादा बड़ी दिक्कत

टेक इंडस्ट्री इस समय मेमोरी चिप्स की लगातार बनी किल्लत से जूझ रही है, जो किसी भी डिवाइस में स्टोर जानकारी को तेजी से प्रोसेस करने के लिए सबसे जरूरी हार्डवेयर होता है. डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग के कारण इन कंपोनेंट्स की कीमतों में भारी उछाल आया है. इस वजह से Apple, Nintendo और Microsoft जैसी टेक कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने पड़े हैं. Apple ने जुलाई में iPads, Macs और अन्य डिवाइसेज के दाम तो बढ़ाए, लेकिन iPhones की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था.

कुक ने जुलाई में CEO के रूप में अपनी आखिरी अर्निंग्स कॉल के दौरान कहा था, "हम मेमोरी प्राइसिंग में 100 साल में एक बार आने वाली बाढ़ जैसी स्थिति से गुजर रहे हैं, जहां मेमोरी के दाम तेजी से बढ़े हैं." कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्राहकों को iPhones की ज्यादा कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए.

EU के नियमों को पालन करने की चुनौती

यूरोपियन यूनियन की सख्ती के चलते Apple के सामने आने वाले दिनों में और भी मुश्किलें आ सकती हैं. कंपनी ने हाल ही में EU के नियमों का पालन करने के लिए अपने App Store के बिजनेस नियमों में बदलाव की घोषणा की है. इसके साथ ही यूरोपियन कमीशन के कड़े नियमों की वजह से कंपनी यूरोपियन यूनियन में iPhones और iPads पर Siri का नया वर्जन लॉन्च नहीं करेगी. यूरोप अमेरिका के बाद Apple का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है.

यूरोपियन कमीशन चाहता है कि Apple और Google थर्ड-पार्टी AI असिस्टेंट्स को iOS और Android सिस्टम्स में ज्यादा एक्सेस दें. लेकिन Apple और Google दोनों का तर्क है कि ऐसा करने से प्राइवेसी को लेकर गंभीर खतरे पैदा होंगे. एक्सपर्ट्स भी इस बात से सहमत हैं कि यूजर्स को अपने फोन और कंप्यूटर में स्टोर डेटा का बहुत ज्यादा एक्सेस AI एजेंट्स को देने से बचना चाहिए.

आखिरकार टर्नस को इन चुनौतियों से निपटते हुए Apple की उस वैल्यूएशन को भी बरकरार रखना होगा जो उसने कुक के दौर में हासिल की थी. CNN की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ऑफ अमेरिका के एनालिस्ट वामसी मोहन (Wamsi Mohan) ने अगस्त के एक रिसर्च नोट में लिखा, "Apple पहले से ही इतना बड़ा, प्रॉफिटेबल और ग्राहकों की जिंदगी में गहराई से जुड़ा हुआ है कि सिर्फ छोटे-मोटे सुधार अब कंपनी को नई पहचान देने के लिए काफी नहीं होंगे. टर्नस के सामने असली चुनौती कुक द्वारा बनाई गई इस प्रॉफिटेबल मशीन को बचाए रखने के साथ-साथ दुनिया को फिर से चौंका देने वाले तकनीकी इनोवेशन को वापस लाने की होगी."

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