महाराष्ट्र के कोल्हापुर की 23 साल की सोनम उत्तम मस्कर ने अपना पहला एशियाड खेलते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया. 10 मीटर एयर राइफ़ल टीम इवेंट में भारत की एलावेनिल वालारिवान-सोनम मस्कर-विदारसा विनोद की टीम ने जापान एशियाड में सिल्वर जीतकर भारत के लिए पदकों का खाता खोल दिया. महिला 10मीटर एयर राइफल में भारत चीन से पीछे और मेज़बान जापान की टीम से आगे रहा. पूर्व भारतीय कोच सुमा शिरूर NDTV से EXCLUSIVE बात करती हुई कहती हैं, “सोनम इसी साल 2026 फ़रवरी में लक्ष्य कप का ख़िताब जीता था. अबतक हमने देखा है कि लक्ष्य कप में जीत के बाद खिलाड़ी अच्छा करते रहे हैं. हमने कंपीटीशन के पहले ही ये आपस में बात भी की थी कि वो एशियाड में अच्छा करेगी. उन्होंने आज सबसे बड़ा स्कोर भी किया.”
सुमा सोनम के बारे में बताती हैं, “मैं जब टीम की नेशनल कोच थी तब उनके पोज़ीशन को बदलने में मदद की थी. वो बहुत अच्छी लर्नर हैं. जब मैं चीफ़ कोच थी तब वो पहली बार नेशनल स्क्वॉड कैंप में आईं.”
सुमा एलावेनिल की जीत और उनके सफ़र को लेकर बेहद खुश नज़र आती हैं. वो कहती हैं, “मैं बहुत खुश हूं कि टीम ने सिल्वर जीता है. एला तो जूनियर से लेकर यहां तक जीत रही हैं. आज एला ने दबाव में खेलते हुए सिल्वर जीता. ये बहुत बड़ी बात है. इतने बड़े प्लैटफ़ॉर्म पर इस स्कोर के साथ जीतना बड़ी बात है. पूरी शूटिंग टीम ने बहुत मेहनत की है. उन्हें बहुत बधाई!”
पहले ही एशियाड में टॉप स्कोर के साथ मेडल
10 मीटर एयर राइफ़ल महिला टीम का गोल्ड चीन ने 1904.2 अंक के साथ अपने नाम किया जबकि भारत ने 1898.0 अंक के साथ पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल किया. बड़ी बात ये भी है कि 23 साल की सोनम मस्कार ने पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 और केरलम की विदारसा विनोद से आगे बढ़कर स्कोर (सोनम 634.1, एलावेनिल 633.5, विदारसा 630.4) करते हुए सिल्वर मेडल जीता. सोनम मस्कार निजी 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में छठे नंबर पर रहीं.
शतरंज से शूटिंग के पोडियम तक का सफर
दिलचस्प बात है कि सोनम पहले शतरंज खेलती थीं. मुंबई के तोलानि कॉलेज में 2018 में उन्होंने शौक के तौर पर शूटिंग शुरू की. फिर कोल्हापुर शूटिंग रेंज में 2021 से उन्होंने शूटिंग को ही अपना जुनून बना लिया. लेकिन सोनम को इस स्तर तक पहुंचने से पहले उनके पिता को प्रॉपर्टी बेचनी पड़ी ताकि वो निजी राइफ़ल खरीद सके. साथी खिलाड़ियों के लिए सोनम जल्दी ही अपनी मेहनत की मिसाल बन गईं. दिल्ली वर्ल्ड कप 2024 में दो साल पहले उन्होंने सिल्वर मेडल जीता और अब एशियाड 2026 का सिल्वर जीतकर भारत की उभरती शूटिंग स्टार बन गई हैं.
0.6 अंक से एलावेनिल चूकीं गोल्ड, जीते 2 सिल्वर
पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 और वर्ल्ड कप में 4 गोल्ड जीत चुकीं एलावेनिल निजी 10मीटर एयर राइफ़ल इवेंट में आख़िर तक गोल्ड मेडल की रेस में बनीं रहीं. एलावेनिल कई शॉट्स तक मेज़बान जापान की ताइचि हिनाता से आगे रहीं. लेकिन आख़िरकार जापान की हिनाता ने 253 अंक बनाते हुए एलावेनिल (252.4) को 0.6 अंक से पीछे छोड़कर गोल्ड अपने नाम कर लिया. भारत के खाते में राइफ़ल शूटर्स ने एक ही दिन में 2 सिल्वर डाल दिये.
13 साल की उम्र से शूटिंग कर रहीं ओलिंपिक पदक विजेता गगन नारंग की ‘गन फ़ॉर ग्लोरी' अकादमी की 27 साल की शूटर एलावेनिल ने अबतक वर्ल्ड कप के 4 गोल्ड समेत क़रीब 40 मेडल जीत चुकी हैं. 2022 में एलावेनिल को अर्जुन पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है.
केरलम की पहली महिला शूटर मेडलिस्ट बनीं विदारसा विनोद
विदारसा के विनोद ने एलावेनिल और सोनम के साथ 10 मीटर एयर राइफ़ल टीम का सिल्वर मेडल जीता. वो केरलम की पहली महिला शूटर हैं जिन्होंने एशियाड में पदक जीता है. इसके बाद उनसे 50 मीटर राइफ़ल 3 पोज़ीशन में भी पदक की उम्मीद की जीत की जा रही है.
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