के. श्रीकांत एक साल में चार सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं
- साल में चार सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय
- कहा, गोपी सर के बिना खुद की कल्पना नहीं कर सकता
- सही दिशा में आगे बढ़ रहा है भारतीय बैडमिंटन
हैदराबाद:
दुनिया के दूसरे नंबर के बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने कहा है कि भारतीय बैडमिंटन आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर कड़ी मेहनत निरंतर जारी रहती है तो भविष्य में और बेहतर परिणाम मिलेंगे. श्रीकांत ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘हां, भारतीय बैडमिंटन निश्चित तौर पर आगे बढ़ रहा है. हम पिछले तीन चार वर्षों से काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अब इसके परिणाम दिख रहे हैं. उन्होंने इस वर्ष चार सुपर सीरीज टूर्नामेंट में मिली अपनी शानदार खिताबी जीत का श्रेय कोच पुलेला गोपीचंद को दिया.
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एक साल में चार सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय श्रीकांत ने कहा, ‘यह गोपी सर की वजह से संभव हो पाया. मैं गोपी सर के बिना खुद की कल्पना नहीं कर सकता. मैं खुद पर जितना भरोसा करता हूं वह उससे अधिक भरोसा मुझ पर करते हैं और इसके लिये मैं उनका आभारी हूं.’ श्रीकांत 82वीं सीनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में एचएस प्रणय से हार गये थे. उन्होंने इस बारे में कहा, ‘मेरा मानना है कि हमारे बीच प्रतिस्पर्धा अच्छी है. जब हम एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हैं तब हम सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खेल रहे होते हैं और अभी हम दोनों में सुधार की काफी संभावनाएं हैं. जब आपके साथ अभ्यास के लिये एक बेहतर साथी हो तो यह अच्छा होता है.’
वीडियो: श्रीकांत बोले, अब ओलिंपिक में पदक जीतना लक्ष्य
कोच गोपीचंद ने कहा कि श्रीकांत और प्रणय दोनों स्पष्ट सोच और साफ दिलवाले इंसान हैं. उन्होंने कहा, ‘वे कोर्ट पर कड़े प्रतिस्पर्धी और कोर्ट से बाहर बहुत अच्छे दोस्त हैं। जब इस तरह की उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा हो तो इससे मदद मिलती है.’
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एक साल में चार सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय श्रीकांत ने कहा, ‘यह गोपी सर की वजह से संभव हो पाया. मैं गोपी सर के बिना खुद की कल्पना नहीं कर सकता. मैं खुद पर जितना भरोसा करता हूं वह उससे अधिक भरोसा मुझ पर करते हैं और इसके लिये मैं उनका आभारी हूं.’ श्रीकांत 82वीं सीनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में एचएस प्रणय से हार गये थे. उन्होंने इस बारे में कहा, ‘मेरा मानना है कि हमारे बीच प्रतिस्पर्धा अच्छी है. जब हम एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हैं तब हम सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खेल रहे होते हैं और अभी हम दोनों में सुधार की काफी संभावनाएं हैं. जब आपके साथ अभ्यास के लिये एक बेहतर साथी हो तो यह अच्छा होता है.’
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कोच गोपीचंद ने कहा कि श्रीकांत और प्रणय दोनों स्पष्ट सोच और साफ दिलवाले इंसान हैं. उन्होंने कहा, ‘वे कोर्ट पर कड़े प्रतिस्पर्धी और कोर्ट से बाहर बहुत अच्छे दोस्त हैं। जब इस तरह की उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा हो तो इससे मदद मिलती है.’
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K. Srikanth, P. Gopi Chand