जापान हर काम में अपने परफ़ेक्शन के लिए जाना जाता है. लेकिन आइचि-नागोया में हो रहे एशियन गेम्स के शुरुआत से पहले ही उसकी बड़ी फज़ीहत हो रही है. भारत के साथ दुनिया भर के एथलीटों को रहने, खाने से लेकर ट्रांसपोर्ट तक में दिक्कतें पेश आ रही हैं. भारतीय जिमनास्टिक्स की टीम के लिए तो ऐसी मुश्किल पेश आ गई जिसका उन्होंने पहले कभी सामना ही नहीं किया था.
कोच अशोक मिश्रा और प्रणति को मिला एक ही कमरा!
भारतीय जिमनास्ट प्रणति नायक जब अपने कोच अशोक मिश्रा के साथ नागोया पहुंचे तो कंपीटिशन से पहले ही उनके होश उड़ गए. अशोक मिश्रा और प्रणति के लिए एक ही कमरा अलॉट किया गया था. भारतीय ओलिंपिक संघ की बड़ी जद्दोजहद के बाद किसी तरह इसका हल निकल पाया. तब भी अपना कमरा हासिल करने में कोच अशोक मिश्रा को अच्छी मशक्कत करनी पड़ी.
NDTV के कनसल्टिंग एडिटर बोरिया मजूमदार ने जिमनास्टिक टीम और अधिराकिरियों से बात की तो कोच अशोक मिश्रा ने कहा, "मैं 35-36 घंटे की यात्रा के बाद यहां पहुंचा तो पहले तो हमें एक ही कमरा दे दिया गया. फिर भारतीय ओलिंपिक संघ के दखल के बाद कमरा मिला तो भी मेरे नाम की स्पेलिंग ग़लत लिख दी. कमरा हासिल करने में बहुत मुश्किल हुई."
मनु भाकर और शूटिंग टीम के लिए लंच का इंतजाम नहीं
अशोक मिश्रा या प्रणति नायक अकेले एथलीट या कोच नहीं जिन्हें मुश्किलें पेश आईं. दुनिया की दूसरी टीमों के साथ भारतीय शूटिंग टीम के लिए ट्रेनिंग के बाद लंच का इंतज़ाम नहीं किया गया है. यहां तक कि उनके ट्रेनिंग स्टेडियम तक जाने में 2 घंटे से ज़्यादा वक्त लग रहा है. ऐसे में ओलिंपिक पदक विजेता मनु भाकर और वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक विजेता ईशा सिंह जैसे एथलीटों को भी कंपीटिशन से पहले अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
'शुरुआती दिक्कत के बाद कंट्रोल में हैं हालात!'
भारतीय शेफ़ डि मिशन और उनकी टीम लगातार अलग से कमरों का इंतज़ाम कर रही हैं ताकि बाक़ी खिलाड़ी आएं तो उन्हें दिक्कतें ना हों लेकिन फ़िलहाल जापान के इंतज़ाम की लगातार दुनिया भर में किरकिरी हो रही है. जापानी अधिकारी कह रहे हैं कि शुरुआती मुश्किलों के बाद उन्होंने हालात को काबू में कर लिया है.
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