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सिडनी क्रिकेट ग्राउंड जैसा बना बिहार का राजगीर स्टेडियम, अब IPL और इंटरनेशनल मैचों का इंतजार

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की तर्ज पर बने राजगीर इंटरनेशनल स्टेडियम को लेकर BCA को भरोसा है कि भविष्य में यहां IPL और अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी होगी.

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड जैसा बना बिहार का राजगीर स्टेडियम, अब IPL और इंटरनेशनल मैचों का इंतजार
rajgir international cricket stadium
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इसी महीने, सिर्फ 15 दिनों पहले सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की तर्ज पर बनाये गये राजगीर के 13 पिचों वाले मॉडर्न इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पहले रणजी ट्रॉफी मैच का गवाह बना. उस मैच में स्टार खिलाड़ी रिंकू सिंह के अलावा उत्तर प्रदेश के ही माधव कौशिक ने शतकीय पारियां खेलीं. राजगीर के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पर बिहार के गोपालगंज के गेंदबाजों ने भी इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया. अमोद यादव और स्पिनर सूरज कश्यप ने तीन विकेट लिये. वैभव सूर्यवंशी जैसे स्टार के बगैर मैदान पर उतरी बिहार की टीम को हार का सामना करना पड़ा. 

15 दिनों बाद एक बार फिर राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम BCCI के एक और एलीट टूर्नामेंट- सीके नायडू ट्रॉफी का गवाह बना जिसमें बिहार अंडर-23 और बड़ौदा अंडर-23 के बीच 27 से 30 अक्टूबर 2026 तक चार दिवसीय मुकाबला खेला गया.  सीके नायडू ट्रॉफी का ये मैच वैसे तो बारिश की भेंट चढ़ गया और चार दिनों का मैच पूरी तरह नहीं हो पाया. लेकिन पहली पारी में 73 रनों की बढ़त के आधार पर बड़ौदा अंडर-23 को विजेता घोषित किया गया.

अंतर्राष्ट्रीय मैच का इंतजार 

दो अलग-अलग एलीट टूर्नामेंट में हार के बावजूद बिहार के अधिकारी और खिलाड़ी इसे सकारात्मक सबक के तौर पर ले रहे हैं. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षवर्धन तिवारी ने कहा, 'मैच बेशक बारिश की वजह से पूरा नहीं हो पाया. लेकिन इस स्टेडियम और मैदान की तुलना दुनिया के टॉप स्टेडियमों से की जा सकती है. बिहार के क्रिकेट फैंस इस स्टेडियम में एक दिन शानदार अंतर्राष्ट्रीय मैच भी देखेंगे.'

मैदान के लिए बेहतरीन ड्रेनेज व्यवस्था

BCA अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने स्टेडियम को लेकर ये भी कहा, 'राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का मैदान अपनी क्वालिटी और तकनीकी खूबियों के लिहाज से भी बेहद शानदार है. यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर यहां हाई क्वालिटी वाली पिचें और आउटफील्ड तैयार की गई हैं. मैदान की ड्रेनेज व्यवस्था, बारिश के पानी की निकासी, बेहतरीन घास, उचित ग्राउंड स्लोप और पिच की समतलता पर विशेष ध्यान दिया गया है.' 

स्टेडियम पर 7 काली और 6 लाल मिट्टी की पिचें

स्टेडियम की पिचों की तारीफ करते हुए BCA अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने कहा, 'यहां कुल 13 पिचें हैं, जिनमें 7 काली मिट्टी और 6 लाल मिट्टी की हैं. इसको बनाने में BCCI के पिच क्यूरेटर की मदद ली गई है. फिलहाल इस मैदान पर बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जा रहे हैं. स्टेडियम के पवेलियन और दर्शक दीर्घा का निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन मैदान और पिचों की गुणवत्ता इसे भविष्य में आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की क्षमता रखती है. हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में राजगीर का यह स्टेडियम बिहार को देश के क्रिकेट मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा.'

राजगीर स्टेडियम बिहार के खेल की मजबूत नींव

दो अलग-अलग एलीट टूर्नामेंट में हार के बावजूद बिहार के अधिकारी और खिलाड़ी इसे सकारात्मक सबक के तौर पर ले रहे हैं. बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षवर्धन तिवारी ने कहा, 'राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बिहार के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस तरह का आधुनिक और भव्य खेल परिसर राज्य के लिए गर्व का विषय है. इससे बिहार के खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और बड़े मंच के लिए तैयार होने के बेहतर अवसर मिलेंगे.'

उन्होंने ये भी कहा कि राजगीर का यह स्टेडियम केवल क्रिकेट मैचों के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई पीढ़ी को खेलों से जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बनेगा. उन्होंने ये भी बिहार सरकार के खेल विकास के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन भी राज्य में क्रिकेट की आधारभूत संरचना को मजबूत करने, युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है.

राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है. यह आयोजन बिहार को देश के प्रमुख क्रिकेट केंद्रों में स्थापित करने की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान करता है.

करीब 650 करोड़ रुपये में बने लगभग 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस भव्य क्रिकेट स्टेडियम में आधुनिक पवेलियन, खिलाड़ियों के लिए विशेष सुविधाएं, मीडिया व्यवस्था, दर्शक दीर्घा और अन्य आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं. यह स्टेडियम राजगीर के व्यापक खेल परिसर का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां खेल अकादमी और बिहार खेल विश्वविद्यालय जैसी संस्थाएं राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ौदा अंडर-23 ने अपनी पहली पारी में 55.3 ओवर में 175 रन बनाए। बड़ौदा की ओर से दीप पटेल ने 48, केयूर काले ने 31 और आयुष ने 22 रन बनाए.  बिहार की ओर से सुमन कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 16 ओवर में एक मेडन के साथ 43 रन देकर चार विकेट हासिल किए. राहुल और वासुदेव ने दो-दो, जबकि सुधांशु और प्रशांत ने एक-एक विकेट लिया.

बिहार अंडर-23 के बैटर्स पहली पारी में 42.2 ओवर में 102 रन बनाकर ऑलआउट हो गए और बड़ौदा को 73 रनों की बढ़त हासिल हो गई. दूसरी पारी में बड़ौदा ने 39 ओवर में 3 विकेट खोकर 141 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. लगातार बारिश की वजह से बिहार को दूसरी पारी खेलने का मौक़ा नहीं मिला और पहली पारी की बढ़त के आधार पर बड़ौदा अंडर-23 को विजेता घोषित कर दिया गया.

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