भारतीय जेवलिन थ्रोअर रोहित यादव को 2026 एशियन गेम्स से पहले कोई दबाव महसूस नहीं हो रहा है. इन गेम्स में वह और यशवीर सिंह दिग्गज नीरज चोपड़ा की जगह लेंगे, जिन्होंने चोट के कारण अपना 2026 सीजन समय से पहले ही खत्म कर दिया था. रोहित ने जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के लिए एक लक्ष्य भी तय किया है. इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित ने बताया कि उनकी नजरें अब 90 मीटर के थ्रो पर हैं. बता दें, दिल्ली में उन्होंने 81.10 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ चार्ट में टॉप किया और गोल्ड अपने नाम किया.
नीरज की जगह लेने के बारे में बात करते हुए, रोहित ने कहा,"कोई दबाव नहीं है. मैं वहां खुलकर खेलूंगा. बड़े कॉम्पिटिशन में हमेशा दबाव होता है. जैवलिन थ्रो में हमें हमेशा मेडल मिलता है, और जब भी नीरज खेलते हैं तो ऐसी उम्मीद की जाती है. हम भी भारत के लिए मेडल जीतने की कोशिश करेंगे."
रोहित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के जेवलिन फाइनल में 81.56 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे थे. इस प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि कॉम्पिटिशन के दौरान उनकी लय सही नहीं थी और वह अच्छा थ्रो नहीं कर पाए. उन्होंने कहा,"कॉमनवेल्थ से पहले मैं अच्छा कर रहा था. लेकिन सीडब्ल्यूजी में मेरी लय बहुत अच्छी नहीं थी, और इसीलिए मैं उतना अच्छा थ्रो नहीं कर पाया. मैं आने वाले कॉम्पिटिशन में अच्छा करने की कोशिश कर रहा हूं. मेरी तैयारी अच्छी है. वहां ठंड थी, मैं पहली बार ऐसे मौसम में खेल रहा था. रनवे भी थोड़ा खराब हो गया था."
रोहित ने कहा कि गुरुवार को नई दिल्ली में हुआ कॉम्पिटिशन एशियन गेम्स के लिए एक ट्रायल जैसा था. उन्होंने कहा,"आपको यह जांचने का मौका मिलता है कि आप कहां पीछे हैं और आप किस चीज पर काम कर सकते हैं. ट्रेनिंग में हम उतना नहीं कर पाते जितना कॉम्पिटिशन में करते हैं. आज, मैं खुश था कि मैं 80 से ज़्यादा के चार थ्रो कर पाया. अगर मैं और मेहनत करूं, तो मैं और बेहतर थ्रो करूंगा."
एशियन गेम्स में अपनी उम्मीदों के बारे में बात करते हुए, रोहित - जिनका पर्सनल बेस्ट इस साल अगस्त में भुवनेश्वर में 87.68 मीटर था - ने कहा कि वह अपने पर्सनल बेस्ट या उससे एक-दो मीटर आगे तक थ्रो करना चाहते हैं. उन्होंने कहा,"हमारा लक्ष्य वही दोहराना है जो हमने पहले किया है. मैं किसी और चीज़ के बारे में नहीं सोच रहा हूं."
टोक्यो 2020 ओलंपिक में नीरज की सफलता के बाद भारतीय और एशियाई जेवलिन थ्रोअर्स (भाला फेंकने वाले खिलाड़ियों) के आगे बढ़ने पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि नीरज ने ही भारतीय जैवलिन थ्रो का स्तर ऊंचा किया है. बता दें, नीरज का टोक्यो में गोल्ड एशिया में जेवलिन के विकास में काफी अहम साबित हुआ. इस दौरान श्रीलंका के रुमेश पथिराज, पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम और भारत के सचिन यादव ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है. उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा,"उन्होंने ही ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और डायमंड लीग जैसे सभी वर्ल्ड लेवल के कॉम्पिटिशन में मेडल जीतना शुरू किया. उन्हें देखकर हम सभी को बहुत प्रेरणा मिलती है."
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