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'लोग टीवी देखते हैं, मैं ट्रेनिंग करता हूं...,' IAS सुहास LY ने बताया मेडल जीतने का फॉर्मूला

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी और IAS अधिकारी सुहास एल.वाई. ने एशियाई पैरा खेलों में ब्रॉन्ज पदक जीतने पर कहा, जब-जब भारत देश ने हमें जर्सी पहनने का अवसर दिया है, कोशिश यही रही है कि हम भारत देश को मेडल दिलाएं.

'लोग टीवी देखते हैं, मैं ट्रेनिंग करता हूं...,' IAS सुहास LY ने बताया मेडल जीतने का फॉर्मूला
ias suhas ly
IANS

एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भारतीय दल ने 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज समेत कुल 114 मेडल जीतकर अभियान समाप्त किया. दो बार के पैरालम्पिक सिल्वर मेडल विजेता और डिफेंडिंग चैंपियन IAS सुहास एलवाई भी गेम के समापन के बाद भारत लौट आए हैं. उन्होंने एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन इवेंट में जीत के साथ आगाज किया था. सुहास ने पुरूषों के एकल एसएल4 ग्रुप ई मैच में बांग्लादेश के जॉयतू धर को सीधे गेम में हराया. प्रशासनिक अधिकारी ने तोक्यो और पेरिस पैरालम्पिक में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि पिछले एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल हासिल किया था.

'देश के लिए मेडल जीतना हमेशा गर्व की बात'

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास एलवाई ने पैरा खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर कहा, 'देश के लिए मेडल जीतना हमेशा गर्व की बात होती है. जब-जब भारत देश ने हमें जर्सी पहनने का अवसर दिया है, कोशिश यही रही है कि हम भारत को मेडल दिलाएं. मेरे ऊपर ईश्वर की असीम कृपा भी रही है.

उन्होंने आगे कहा कि, 'मैं देशवासियों को धन्यवाद देना चाहता हूं. मुझे और मेरे साथी खिलाड़ियों को जो मेडल के लिए सम्मान मिला है, सरकार ने हमें सहयोग किया है, प्यार और सम्मान दिया है, मैं सभी का धन्यवाद करता हूं.'

उन्होंने कहा कि, देश के लिए मेडल जीतना एशियन पैरा गेम्स में हमेशा गर्व की बात है. जब जापान में तिरंगा ऊपर जा रहा था और जन गण मन की धुन बजती है इससे बड़ी गर्व की बात कुछ और नहीं हो सकती. जब जब भारत देश ने जर्सी पर तिरंगा पहनने का अवसर दिया है, कोशिश यही रहती है कि भारत देश को मेडल दिलाया जाए. मैं आपके माध्यम से देशवासियों को धन्यवाद देना चाहता हूं.

जब उनसे पूछा गया कि, खिलाड़ी के अलावा एक IAS अधिकारी भी हैं तो किस तरह से खेल को इतना समय दे पाते हैं और दोनों में कैसे समन्वय स्थापित करते हैं? इस सवाल के जवाब में सुहास एलवाई ने कहा कि, देखिए चुनौती तो हमेशा रहती है, परंतु हर चीज के लिए समय रहता है. जैसे मेरी ट्रेनिंग का समय जनरली रात को साढ़े आठ बजे या नौ बजे रहता है, इस समय जनरली लोग या तो टीवी देखते हैं या परिवार के लिए समय देते हैं, तो मैं उस टाइम पर समय निकालता हूं.' 

उन्होंने कहा कि, 'मैं सभी को ये बताना चाहता हूं कि खेल को प्रोफेशनली खेलें यह जरूरी नहीं, आप प्रतिदिन एक घंटे फिटनेस के लिए कोई भी खेल खेलें या फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें उससे मानसिक और शारीरिक दक्षता बढ़ती है और काम में भी एफिशिएंसी अच्छी तरह से बढ़ती है. 

कौन हैं सुहास एलवाई?

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2007 बैच के अधिकारी सुहास एलवाई वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव तथा युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल (PRD) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं. कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके सुहास मूल रूप से कर्नाटक के शिमोगा जिले से हैं. प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने पैरा बैडमिंटन में भी देश का नाम रोशन किया है.

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