नागोया एशियाड में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भारतीय खेमे के लिए गोल्ड मेडल का खाता खोला और उसके बाद दूसरे भारतीय एथलीटों ने आख़िर तक पोडियम फ़िनिश के लिए जान लगा दी. भारतीय एथलीटों ने इन गेम्स के आखिरी दिन तक पूरे 21 गोल्ड मेडल जीतकर मेडल टैली में भारत का चौथे नंबर पर पहुंचा दिया था. इस दौरान भारतीय खेमा शुरुआत में 12वें से लेकर 10वें, 7वें और छठे नंबर पर देर तक जूझता भी दिखा था.
भारतीय पुरुष और पुरुष क्रिकेट टीमें
भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने लगातार दूसरी बार एशियाड के गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया के सबसे बड़े महादेश में अपना दबदबा कायम रखा. बड़ी बात ये है कि एशियाड की कामयाबी ने दोनों टीमों के स्ट्रॉन्ग बेंच का सबूत भी पेश किया. टी-20 फ़ॉर्मैट में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम दुनिया की नंबर-1 टीम है. जबकि, महिला टी-20 भी रैंकिंग में पोडियम पर तीसरे नंबर पर नज़र आती है.
लॉस एंजेल्स 2028 में भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के पास मौक़ा होगा कि ओलिंपिक का पहला मेडल जीतें और 200 से ज़्यादा देशों के खेलों के महासमारोह में तिरंगे को लहराता देखें.
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें
नागोया एशियाड 2026 भारतीय हॉकी टीमों के लिए भी सुनहरा और ऐतिहासिक साबित हुआ. भारतीय महिला टीम ने 1982 के दिल्ली एशियाड के 44 साल बाद पहली बार गोल्ड जीतकर लॉस एंजेल्स ओलिंपिक का टिकट हासिल किया. भारतीय महिला टीम ने रोमांचक फ़ाइनल में चीन जैसी मज़बूत टीम को 1-0 सेहराया.
भारतीय पुरुष टीम ने फ़ाइनल में मलेशिया को 5-1 से रौंदकर गोल्ड मेडल जीता. दोनों टीमों के पास अब LA 2028 का टिकट है और क्वालिफ़ाई करने का टेंशन ख़त्म हो गया है. दोनों के पास छोटी-छोटी बारीकियों पर काम करने और LA 2028 में पोडियम पर फ़िनिश करने का शानदार मौक़ा है.
कुमकुम मोहोद, सुजीत कलकल, अमन सहरावत: कुश्ती और तीरंदाज़ी टीमें
महाराष्ट्र में अमरावती के 17 साल की कुमकुम मोहोद ने अपनी टीम के साथ 2 गोल्ड और 1 सिल्वर पर कब्ज़ा किया. कुमकुम के साथ भारत ने 10 बार की ओलिंपिक और एशियन चैंपियन द.कोरिया को रिकर्व तीरंदाज़ी के फ़ाइनल में हराकर इतिहास कायम कर दिया. रिकर्व आर्चरी में कुमकुम ने पहली बार एशियाड में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया.
इससे पहले रिकर्व आर्चरी में भारत ने तरुणदीप राय के साथ 2010 में एशियाड का सिल्वर और 2006 और 2023 के एशियाड में पुरुष और महिला टीमों ने ब्रॉन्ज़ और सिल्वर मेडल जीते थे. नागोया एशियाड में ये पहला मौक़ा रहा जब रिकर्व आर्चरी में भारत ने एशियाड में ओलिंपिक चैंपियन को हराकर गोल्ड मेडल जीते हैं.
2028 लॉस एंजेल्स ओलिंपिक में पहली बार दुनिया भर की कंपाउंड मिक्स्ड टीमें हिस्सा लेंगी. भारत की चिकिता तनिपार्थि और साहिल जाधव की जोड़ी ने एशियाड का गोल्ड जीतकर LA 2028 के लिए क्वालिफ़ाई करने वाली दुनियाकी पहली मिक्स्ड टीमें बन गई हैं.
भारतीय आर्चरी की रिकर्व और कंपाउंड की मिक्स्ड टीमों ने एशियाड में धमाका करते हुए LA 2028 में पोडियम फ़िनिश की उम्मीदें जगा दी हैं.
दमदार पहलवान
भारतीय कुश्ती के पहलवान बीजिंग ओलिंपिक्स के बाद से लगातार ओलिंपिक में पदक जीतते रहे हैं. सुजीत कलकल को 65 किलोग्राम का स्टार माना जा रहा है. हरियाणा के चरखी दादरी ज़िले के इमलोटा गांव के सुजीत कलकल ने फ़ाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बावजूद ताजिकिस्तान के अब्दुलमाज़ीद कुदिएव को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया.
कमाल की बात ये भी है कि सुजीत ने सेमीफ़ाइनल में जापान के ओलिंपिक चैंपियन कोतारो कियूका को उनके ही घर में हरा दिया. योगेश्वर और बजरंग की तरह 65 किलोग्राम के इस स्टार पहलवान, सुजीत कलकल से भी उम्मीदें बहुत ज़्यादा बढ़ गई हैं.
रिस ओलिंपिक के पदक विजेता अमन सहरावत ने 57 किलोग्राम में अपना कमाल दिखाते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया. अमन अब पहले से भी ज़्यादा पावरफुल और तेज़ दिखाई देते हैं. सुजीत और अमन के अलावा भी भारत के दूसरे पहलवानों से लॉस एंजेल्स में ज़रूर उम्मीदें रहेंगी.
नीरू ढांडा और शूटिंग टीम
हरियाणा और मध्य प्रदेश की 26 साल की नीरू ढांडा ने अचानक एशियाड से बड़ी शोहरत कमा ली है. ट्रैप शूटिंग के फ़ाइनल में बारिश और तेज़ हवाओं के बीच मुश्किल कंडिशन में नीरू ने निजी और मिक्स्ड ट्रैप शूटिंग में किनान चेनाई के साथ रिकॉर्ड कायम करते हुए भारत को इस इवेंट का पहला गोल्ड दिलाकर इतिहास कायम किया.
शूटिंग के ज़रिये भारत लगातार ओलिंपिक्स में पदक जीतता रहा है. मनु भाकर, ईशा सिंह, सुरुचि फ़ोगाट, नीरू ढांडा, किनान चेनाई जैसे कई शूटिंग स्टार्स पर शूटिंग से लॉस एंजेल्स ओलिंपिक में पदकों की उम्मीद जगा दी है.
बॉक्सिंग: लवलीना, परवीन, अंकुश से भी होंगे उम्मीदें
पहले ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में और उसके बाद एशियन गेम्स में, भारतीय बॉक्सिंग दल ने कमाल का प्रदर्शन किया. ग्लासगो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए बॉक्सिंग दल ने सात गोल्ड और तीन सिल्वर जीते थे, जबकि जापान में यह तीन गोल्ड और तीन ब्रॉन्ज रहा. लवलीना बोरगोहेन ने इसकी अगुवाई की और उन्हें परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल का भी साथ मिला, जिन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. आइची नागोया में भारत का प्रदर्शन, एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सबसे सफल बॉक्सिंग अभियान रहा. ग्वांगझू 2010 में भारत ने दो गोल्ड मेडल जीते थे.
जैवलिन स्टार- नीरज चोपड़ा समेत रोहित, यशवीर
डबल ओलिंपिक पदक विजेता स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा एशियाड से पहले चोटिल हुए तो भारतीय खेलप्रेमियों को बड़ा धक्का लगा. लेकिन नीरज की जगह जैवलिन थ्रो के लिए चुने गए यशवीर सिंह और रोहित यादव ने अपने प्रदर्शन से एथलेटिक्स और भारतीय दल का मान बढ़ा दिया.
एशियन गेम्स में ये पहला मौक़ा था जब भारत के दो जैलविन स्टार्स ने एक साथ पोडियम पर जगह बनाई. इसी साल कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले यशवीर ने अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए 85.72 मी. भाला फेंककर सिल्वर मेडल जीता और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप टिकट हासिल कर लिया. जबकि रोहित यादव ने 84.35 मीटर के साथ कांस्य पदक जीत लिया.
नीरज-यशवीर-रोहित की तिकड़ी के अलावा भी सचिन यादव और किशोर जेना जैसे कई जैवलिन स्टार LA 2028 ओलिंपिक के टिकट और पोडियम पर निगाहें टिकाए पसीना बहा रहे हैं. इन सब से भारतीय फ़ैन्स बड़ी उम्मीदें रखेंगे.
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