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Exclusive: विध्या का सपना, इंडिया का गोल्ड! एशियन गेम्स में गूंजा जन गण मन, प्राची ने बताई राज की बात

एशियन गेम्स 2026 की स्वर्ण पदक विजेता महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम ने एनडीटीवी के साथ खास बातचीत की है. जहां उन्होंने कुछ दिलचस्प सवालों का जवाब दिया है.

Exclusive: विध्या का सपना, इंडिया का गोल्ड! एशियन गेम्स में गूंजा जन गण मन, प्राची ने बताई राज की बात
साथी खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाते हुई विथ्या रामराज

विथ्या रामराज मौजूदा समय में किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. पिछले मंगलवार से वह भारत की तरफ से एशियन गेम्स 2026 में दो बार पोडियम पर चढ़ चुकी थीं. जिसमें मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम स्पर्धा और 400 मीटर बाधा दौड़ शामिल है. मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम की तरफ से शिरकत करते हुए रजत, जबकि 400 मीटर बाधा दौड़ में उन्होंने 54.75 सेकेंड का समय निकालते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया था. इसके बावजूद उनका एक सपना अधूरा रह रहा था. वह चाहती थी कि भारत के तरफ से वह पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान का अनुभव करें. एनडीटीवी के साथ खास बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैंने कभी पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान का अनुभव नहीं किया था.'

विध्या यह सपना भी जारी टूर्नामेंट में ही पूरा हो गया, जब प्राची चौधरी, किरण पहल, एम.आर. पूवम्मा और विध्या रामराज की महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने 3:29.69 मिनट का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जो कि एशियन गेम्स 2026 के एथलेटिक्स में भारत का पहला और एकमात्र स्वर्ण पदक भी है. 

अपने अभियान के बारे में बात करते हुए देश की बेटी ने एनडीटीवी के साथ कहा, 'हम सभी पोडियम पर राष्ट्रगान सुनने का अनुभव करना चाहते थे.' 

उन्होंने कहा, 'मेरी तीनों साथियों ने शानदार दौड़ लगाया. उन्हें देखकर मेरे अंदर भी जज्बा आया और वही मुझे फिनिश लाइन पार करने के लिए प्रेरित किया.'

स्पर्धा के दौरान पहली लेग पर दौड़ने वाली किरण पहल ने उस पल को याद करते हुए कहा, 'एंकर लेग पर विध्या दौड़ रही थीं, लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे हम सभी आखिरी लेग दौड़ रहे हों.'

वहीं उस पल को याद करते हुए पूवम्मा ने कहा, 'हम सभी विध्या को गले लगाना चाहते थे. हमारी रणनीति थी कि बहरीन की टीम पर जितनी हो सके उतनी बढ़त बना लिया जाए. हमें पता था कि सलवा ईद नासेर एक बेहतरीन एथलीट हैं, इसलिए हम चाहते थे कि एंकर लेग में उतरते समय विध्या के पास अच्छी बढ़त हो.'

उन्होंने आगे कहा, 'रिले में देश की अगुवाई करना व्यक्तिगत स्पर्धाओं से बिल्कुल अलग एहसास होता है. जब हमारे हाथ में बैटन होता है, तो हम और बेहतर प्रदर्शन करते हैं.'

इस दौरान उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली प्राची चौधरी ने अपनी तीनों साथियों के स्वभाव के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, 'पूवम्मा दीदी बहुत जल्दी उत्साहित हो जाती हैं. उनमें ज्यादा धैर्य नहीं है. विध्या बेहद शांत और सकारात्मक हैं. किरण भी काफी शांत रहती हैं और प्रशिक्षण के दौरान पूरी तरह फोकस्ड रहती हैं.'

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