अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर लगभग पूरी तरह तैयार है, जो हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पंजाब से होकर जाता है. 1257 किमी लंबा और 80 हजार करोड़ रुपये का ये 6 लेन का इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तर भारत को सीधे गुजरात के बंदरगाहों से कनेक्ट करता है. इसमें अकेले 637 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में आता है. राजस्थान में इस एक्सप्रेसवे का हिस्सा चालू हो चुका है और दिसंबर तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात का बाकी हिस्सा भी चालू हो सकता है. NHAI ने अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के 27 किमी के जोधपुर में देवगढ़-गुजरात बॉर्डर के हिस्से को भी खोल दिया है. गुरुग्राम सेक्शन भी खुल चुका है.
दिल्ली से जामनगर की दूरी, समय घटेगा
दिल्ली से जयपुर, उदयपुर से अहमदाबाद होकर जामनगर जाने में अभी 24 से 26 घंटे लगते हैं, लेकिन करीब 1200 किमी की ये दूरी अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे से सिर्फ 15-16 घंटे रह जाएगी.दिल्ली से अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे तक पहुंच के लिए दो रास्ते हैं. दिल्ली में KMP या NH-44 से वेस्टर्न पेरिफेरल या रोहतक होते हुए ट्रांस-हरियाणा एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं. फिर सिरसा-डबवाली इंटरचेंज के जरिये अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे तक पहुंच जाएंगे.दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से सीधे पंजाब के संगरूर-मोगा के पास लुधियाना-बठिंडा एक्सप्रेसवे लिंक से मुड़कर बठिंडा या टिब्बा में अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे में एंट्री ले सकते हैं. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जयपुर-पचपदरा, जोधपुर लिंक से भी जामनगर एक्सप्रेसवे से जुड़ सकते हैं.
- 1257 किलोमीटर लंबा
- 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे
- 12 घंटे में अमृतसर से जामनगर
- 3 रिफाइनरी जुड़ेंगी इससे
- 90 फीसदी काम पूरा हो चुका
- 80 हजार करोड़ रुपये की परियोजना
- 638 किमी हिस्सा राजस्थान में

पंजाब और हरियाणा का रूट
पंजाब में 155 किमी का हिस्सा कपूरथला के टिब्बा गांव से मोगा, धरमकोट, बठिंडा से होकर संगत कलां तक जाएगा. हरियाणा में 85 किमी का रूट मंडी डबवाली से सिरसा जिले के चौटाला गांव तक जाता है. राजस्थान में 637 किमी का रूट हनुमानगढ़, सूरतगढ़, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, सांचौर और जालोर से गुजरता है. गुजरात में 380 किमी का रूट थराद, वासरदा, राधनपुर, संतलपुर, मालिया से जामनगर तक जाता है.
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कांडला, जामनगर रिफाइनरी से कनेक्ट
इस कॉरिडोर का 917 किलोमीटर हिस्सा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के तौर पर होगा. हनुमानगढ़ से गुजरात सीमा तक का राजस्थान का पूरा हिस्सा भी ग्रीनफील्ड है. इस पर अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है. अमृतसर से जामनगर के बीच की दूरी 1430 किमी से घटकर 1316 किमी रह जाएगी. इससे सफर 26 घंटे से आधा होकर 13 घंटे रह जाएगा. यह देश का पहला ऐसा कॉरिडोर है जो बठिंडा पंजाब की एचएमईएल रिफाइनरी, बाड़मेर राजस्थान में HPCL रिफाइनरी, जामनगर गुजरात की आरआईएल रिफाइनरी शामिल है.
पाकिस्तान बॉर्डर एरिया तक कनेक्टिविटी
गुजरात के कांडला और मुंद्रा पोर्ट तक लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी. बाड़मेर रिफाइनरी के उत्पादों को पंजाब-गुजरात के पोर्ट पहुंचाना आसान होगा. राजस्थान के उत्पादों जैसे बीकानेर का भुजिया-पापड़, जोधपुर का हस्तशिल्प और जालोर का ग्रेनाइट भी कम लागत और समय में सीधे गुजरात के कांडला, मुंद्रा और जामनगर पोर्ट तक जाएगा. यह कॉरिडोर पाकिस्तान बॉर्डर के समानांतर गुजरता है. युद्ध या आपात स्थिति में भारतीय सेना,लड़ाकू विमानों और भारी हथियारों को थार रेगिस्तान तक लाइफलाइन बनेगा. शेखावाटी, बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे बड़े पर्यटन सर्किट की उत्तर भारत से दूरी कम हो जाएगी.एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) से लैस होगा. प्रत्येक 1 किलोमीटर पर इमरजेंसी बॉक्स सिस्टम स्थापित होगा.
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