विज्ञापन

Asian Para Games 2026: भारत की धमाकेदार शुरुआत, पहले ही दिन 4 गोल्ड समेत जीते 11 पदक, जानें किस इवेंट में किसने मारी बाजी

जापान में हो रहे एशियन पैरा गेम्स का पहला दिन भारत ने दमदार शुरुआत की. टीम इंडिया ने पहले दिन चार गोल्ड, पांच सिल्वर और दो ब्रॉन्ज अपने नाम किए.

Asian Para Games 2026: भारत की धमाकेदार शुरुआत, पहले ही दिन 4 गोल्ड समेत जीते 11 पदक, जानें किस इवेंट में किसने मारी बाजी
पहले ही दिन 4 गोल्ड समेत जीते 11 पदक

एशियन पैरा गेम्स में भारत की शुरुआत शानदार रही. सोमवार को व्हीलचेयर पर रहने वालीं शूटर मोना अग्रवाल और लॉन्ग जम्पर निषाद कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत, भारत ने चार अलग-अलग खेलों में कई पदक जीते, जिनमें चार स्वर्ण पदक शामिल हैं. बिना हाथों वाली तीरंदाज शीतल देवी ने भी कमाल का प्रदर्शन किया. उन्होंने महिलाओं के कंपाउंड क्वालिफिकेशन राउंड में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, और फिर राकेश कुमार के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम इवेंट में एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया. कुल मिलाकर, भारत ने 11 पदक जीते - चार स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य - जिसके साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर आ गया है.

शूटिंग ने हुई धमाकेदार शुरुआत

दिन की शुरुआत में ही पदकों की बारिश शुरू हो गई, जब मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (SH1) फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी ही देश की अवनि लेखरा को हराकर स्वर्ण पदक जीता. 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने वालीं मोना छठे स्थान से ऊपर उठीं और 250.0 के स्कोर के साथ एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड बनाया. उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंकों से पीछे छोड़ दिया. डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि लेखरा ने 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया.

इस पदक के साथ भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी मिल गया है. इससे पहले, मोना ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर एक कोटा स्थान हासिल किया था.

मोना ने क्वालिफिकेशन राउंड में भी बेहतरीन शुरुआत की और 629.1 के स्कोर के साथ आठ निशानेबाजों में शीर्ष पर रहते हुए एशियन पैरा गेम्स का क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाया. अवनि 626.4 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. शाम का समय पैरा-एथलेटिक्स खिलाड़ियों के नाम रहा, जहां दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार, मिडिल-डिस्टेंस रनर सौम्या और जैवलिन थ्रोअर रिंकू ने अपने-अपने इवेंट्स में शीर्ष स्थान हासिल किया.

निषाद के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास रहा, क्योंकि वे अपने करियर में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय लॉन्ग जंप इवेंट में हिस्सा ले रहे थे. निषाद, जिनका दाहिना हाथ छह साल की उम्र में घास काटने वाली मशीन से एक दुर्घटना में कट गया था, उन्होंने 7.11 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया. 

महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 स्पर्धा में, दृष्टिबाधित सौम्या ने 5:12.39 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता. उन्होंने अपनी ही देश की वेंकटेश राधा (5:30.90 सेकंड) को पीछे छोड़ा.

दृष्टिबाधित एथलीटों की सबसे गंभीर श्रेणी T11 में, भारत की रवन्नी वलसानैनी ने कांस्य पदक जीता. असल में तीसरे स्थान पर रहीं रक्षिता राजू को एक तकनीकी उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था; यह उल्लंघन कपड़ों, जूतों और बिब (पहने जाने वाले नंबर) से जुड़े नियमों का पालन न करने से संबंधित था.

पुरुषों की F46 जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में, भारत का दबदबा रहा. रिंकू ने 65.11 मीटर और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर की दूरी के साथ क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते. यह दोनों भारतीय एथलीटों का इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.

F46 वर्गीकरण उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे से एक हाथ कटा हुआ हो, या जिनके एक या दोनों हाथों की गति सीमित हो, या ऊपरी अंगों से जुड़ी कोई अन्य समान शारीरिक अक्षमता हो.

जुडोकाओं का शानदार प्रदर्शन

भारत के दृष्टिबाधित जुडोकाओं ने दो पदक जीते. कोकिला ने महिलाओं की J2 -52 किग्रा श्रेणी में रजत पदक जीता, जबकि कपिल परमार ने पुरुषों की J1 -70 किग्रा श्रेणी में कांस्य पदक हासिल किया.

हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक जीतने वालीं कोकिला को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक किज़ी से हार का सामना करना पड़ा.

कपिल, जिन्होंने पिछले खेलों में रजत पदक जीता था, इस बार सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनैदी से 0-1 से हारने के बाद कांस्य पदक के लिए लड़े.

एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ राफली शिदकी के खिलाफ प्लेऑफ मुकाबले में, कपिल ने 1-0 से जीत दर्ज की.

दृष्टिबाधित जुडोका J1 और J2 वर्गीकरण के तहत प्रतिस्पर्धा करते हैं. J2 जूडोका दृष्टिबाधित होते हैं, लेकिन आमतौर पर उनमें J1 एथलीटों की तुलना में देखने की क्षमता अधिक होती है. J1 एथलीट पूरी तरह से दृष्टिहीन भी हो सकते हैं.

तैराकी में सिल्वर

भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में 56.68 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता. S13 क्लासिफिकेशन उन एथलीटों के लिए है जिनकी दृष्टि में मामूली कमी होती है.

टेबल टेनिस और बैडमिंटन में मेडल पक्के

पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुकीं भाविना पटेल उन भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों में शामिल रहीं, जो सोमवार को सेमीफाइनल में पहुंचीं. इससे देश के लिए तीन अलग-अलग कैटेगरी में मेडल पक्के हो गए.

प्राची पांडे ने थाईलैंड की कानोकपोर्न फाथुमचाई को हराकर महिलाओं की क्लास 6 स्पर्धा के सेमीफाइनल (अंतिम चार) में जगह बनाई, जबकि सोनलबेन ने क्लास 3 में थाईलैंड की दारारात असायुत को हराया. भाविना ने भी चीन की झांग मियाओ को हराकर क्लास 4-5 में सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की.

प्राची, जो एक न्यूरो-डीजेनेरेटिव बीमारी से जूझ रही हैं, ने अपने दूसरे ग्रुप मैच में फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराया. इसके साथ ही उन्होंने क्लास 6 में भारत के लिए पहला पैरा एशियन मेडल पक्का कर लिया. क्लास 6 एक 'स्टैंडिंग' (खड़े होकर खेलने वाली) कैटेगरी है, जो उन एथलीटों के लिए है जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर विकलांगता होती है.

सोनलबेन ने महिलाओं की सिंगल्स क्लास 3 के क्वार्टर फाइनल में दारारात को 3-1 (11-7, 8-11, 11-5, 11-5) से हराया. क्लास 3 एक 'व्हीलचेयर' कैटेगरी है. इसमें वे एथलीट आते हैं जिनका बैठने का संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है, लेकिन उनके हाथ और बांहें सामान्य या लगभग सामान्य रूप से काम करती हैं.

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकीं भाविना ने क्वार्टर फाइनल में चीन की झांग को 3-1 (8-11, 11-6, 11-1, 11-6) से हराकर अपनी शानदार फॉर्म साबित कर दी.

यह भी पढ़ें: रोहित-गिल ओपनर, नंबर-3 कोहली, नंबर-4 अय्यर, जडेजा-भुवी बाहर, वसीम जाफर ने चुनी World Cup 2027 की Playing XI

यह भी पढ़ें: प्रज्ञान ओझा बने अगरकर की जगह नए चीफ सेलेक्टर, बीसीसीआई ने लगाई मुहर

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sports News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com