लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, मीराबाई चानू 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में भारत की चार सदस्यीय वेटलिफ्टिंग टीम की अगुवाई करेंगी. मीराबाई ने कॉमनवेल्थ और ओलंपिक्स में सफलता हासिल की है, लेकिन 2014 और 2023 में दो बार हिस्सा लेने के बावजूद वह एशियन गेम्स में अभी तक कोई मेडल नहीं जीत पाई हैं. हांगझोऊ में हुए पिछले गेम्स में, 32 साल की मीराबाई महिलाओं के 49 किग्रा इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं. 'क्लीन एंड जर्क' के अपने आखिरी प्रयास में हिप इंजरी के कारण वह पोडियम पर जगह नहीं बना पाईं. लेकिन एशियन गेम्स की शुरुआत से पहले उन्होंने एनडीटीवी से खास बातचीत में उम्मीद जताई है कि वह इस बार जरूर मेडल जीतेंगे.
मीराबाई के साथ, कॉमनवेल्थ की सिल्वर मेडल जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव और हरजिंदर कौर भी एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगी. पुरुषों के कॉम्पिटिशन में, कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले ऋषिकंत सिंह को भारत का एकमात्र प्रतिनिधि होना था, लेकिन चोट के कारण उन्हें आखिरी समय में अपना नाम वापस लेना पड़ा. भारत ने 2022 एशियन गेम्स में सिर्फ़ मीराबाई और बिंद्यारानी देवी को भेजा था, और वेटलिफ्टिंग में कोई मेडल नहीं जीत पाया था. लेकिन जिस तरह के ग्लासगो में भारतीय दल ने बेहतर प्रदर्शन किया है, उसके बाद फैंस को काफी उम्मीदें होंगीं. बता दें, मीराबाई 23 सितंबर को एक्शन में होंगी.
एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत से पहले मीराबाई चानू ने एनडीटीवी से कहा,"मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करुंगी.ग्लासगो में मेडल दिया था.एशियन गेम्स मेरे लिए सबसे जरूरी है और मैं अपनी तरफ से मैं पूरा कोशिश करूंगी कि इंडिया के लिए मेडल लेकर आउं."
एशियाई खेलों के मौजूदा संस्करण के लिए जापान ने कोई एथलीट विलेज नहीं बनाया है. ऐसे में खिलाड़ियों को काफी परेशानी आ रही है. इसके अलावा खिलाड़ियों को काफी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा रहा है. इसको लेकर भारतीय वेटलिफ्टर्स के कोच विजय शर्मा ने कहा,"देखिए छोटी मोटी प्रॉब्लम इतने बड़े कमपटीशन में होती हैं. हां हमें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है. सभी बच्चे बहुत अच्छी तैयारी कर रहे हैं. कल आए हैं और आज थोड़ी ट्रेनिंग की है. मैं आपको ये विश्वास दिलाता हूं कि सारे बच्चे ने जो कॉमनवेल्थ गेम्स में परफॉर्मेंस दी थी उससे बेहर परफॉर्म करेंगे."
वहीं वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी ने कहा,"एशियन गेम्स बड़ा है मेरे लिए और जैसे ग्लासगो मेरा पहला संस्करण था, वैसे ही यह भी पहली बार है. मेरे लिए तो एक्साइटमेंट भी है और थोड़ा नर्वसनेस भी है क्योंकि इतना बड़ा स्टेज है और परफॉर्मेंस भी अपना पहले से और इमप्रूव करना है."
इस दौरान मीराबाई ने पिज्जा खाने को लेकर अपना मजेदार जवाब भी दिया और उन्होंने दोहराया कि वह पिज्जा खाने से पहले मेडल जीतने की कोशिश करेंगी. भारतीय वेटलिफ्टर ने कहा,"मेरी तरफ से पूरा कोशिश करूँगी फिजा खाने के लिए मेडल जरूर लेना है." उन्होंने आगे कहा,"मैं यही कहना चाहूंगी कि प्लीज इस बार भी आप सब का प्यार चाहिए पूरा वे लिफ्टिंग टीम को और हमारी तरफ से भी हम पूरा कोशिश करेंगे कि भारत का नाम और ज़्यादा ऊंचा करें."
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