जापान के आइची नागोया में शानिवार को ओपनिंग सेरेमनी के साथ 20वें एशियन गेम्स की शुरुआत होने वाली है. हालांकि, उससे पहले एथलीटों को व्यवस्था की बदइंतजामी का सामना करना पड़ा है और इसका अहम कारण है इस खिलाड़ी एथलीट विलेज नहीं है. एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब कोई 'एथलीट्स विलेज' नहीं होगा. इसके बजाय, आयोजक हजोरों खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए होटलों, अस्थायी आवास इकाइयों और 'कोस्टा सेरेना' क्रूज़ शिप का इस्तेमाल कर रहे हैं. ओलंपिक काउंसिल ऑफ़ एशिया (OCA) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 'कोस्टा सेरेना' नाम के इस क्रूज़ का ग्रॉस टनेज लगभग 114,000 टन है और इसकी लंबाई 290.2 मीटर है. इस क्रूज़ शिप में 1,500 केबिन हैं और इसमें 3,780 यात्रियों के रहने की क्षमता है.
जापान के नागोया शहर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए, इटली का क्रूज़ शिप 'कोस्टा सेरेना'- जिसमें 5,000 तक अधिकारी और खिलाड़ी ठहरेंगे - हाल ही में मेजबान शहर के किंजो पियर पर आधिकारिक तौर पर पहुंचा. इन खेलों में कम से कम 11,000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जो समर ओलंपिक्स से भी ज़्यादा है. इनमें 43 तरह के खेल और 45 देशों व क्षेत्रों के खिलाड़ी शामिल होंगे.
जापानी अधिकारियों ने खिलाड़ियों के लिए अलग से 'एथलीट्स विलेज' बनाने के बजाय क्रूज़ शिप, होटल के कमरों और लकड़ी के अस्थायी कंटेनरों में ठहरने की व्यवस्था करने का फ़ैसला किया. कई देशों ने ठहरने की व्यवस्था को लेकर खुलकर शिकायतें की हैं. कुछ बास्केटबॉल खिलाड़ियों का कहना है कि बिस्तर बहुत छोटे हैं, और पिछले हफ़्ते इलाके में भारी बारिश के बाद सैकड़ों खिलाड़ियों को वहाँ से हटाना पड़ा था.
जापान में लागत बचाना एक बड़ा मुद्दा है, क्योंकि उसने 2020 टोक्यो ओलंपिक्स के आयोजन पर अनुमानित 13 अरब डॉलर खर्च किए थे, जो महामारी के कारण एक साल के लिए टाल दिए गए थे. सरकार के एक ऑडिट ऑफ़िस ने सुझाव दिया कि असल लागत शायद इससे दोगुनी थी.
इटली का क्रूज़ शिप "कोस्टा सेरेना" नागोया के एक बंदरगाह पर खड़ा है और इसमें 5,000 तक खिलाड़ी और अधिकारी ठहरेंगे. जैसे-जैसे इवेंट्स खत्म होंगे और नए इवेंट्स शुरू होंगे, कई खिलाड़ियों की अदला-बदली होती रहेगी. खास बात यह है कि 2026 एशियाई खेलों के दौरान अब तक कुप्रबंधन और एथलीटों को रहने की जगह से जुड़ी समस्याओं की खबरें सामने आई हैं.
भारतीय युवा मामले और खेल मंत्रालय ने नागोया में 2026 एशियाई खेलों में लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए तीन-स्तरीय प्रबंधन प्रणाली लागू की है. इसके तहत, ज़रूरत पड़ने पर एथलीटों को रहने की जगह उपलब्ध कराने के लिए भारतीय समुदाय के लगभग 2,000 सदस्य तैयार (स्टैंडबाय पर) हैं.
मंत्रालय ने कहा कि खेलों में कुप्रबंधन की खबरों के बाद ये इंतजाम किए गए हैं. भारतीय अधिकारी और भारतीय समुदाय के सदस्य मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि एथलीटों को रहने की जगह, परिवहन या अन्य व्यवस्थाओं में कोई परेशानी न हो. मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया,"नागोया में लगभग 2,000 भारतीय लोग तैयार हैं कि अगर एथलीटों को रहने की जगह को लेकर कोई समस्या होती है, तो वे अपने घर उनके लिए खोल सकें."
मंत्रालय के सूत्र ने आगे कहा, "भारतीय समुदाय सक्रिय है; हमने हवाई अड्डे पर दो लोगों और स्वागत केंद्र पर तीन लोगों को तैनात किया है। 'शेफ डी मिशन' (सहदेव यादव) और SAI अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आगे किसी भी एथलीट को कोई समस्या न हो।"
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को नागोया में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात की और कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें जापान पहुंचने पर कुछ एथलीटों को रहने की जगह से जुड़ी समस्याओं का सामना करना भी शामिल था. इससे पहले शुक्रवार को, 2026 एशियाई खेलों के लिए भारत के 'शेफ डी मिशन' सहदेव यादव ने रहने की जगह, एक्रेडिटेशन और परिवहन से जुड़ी शुरुआती समस्याओं को स्वीकार किया, साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि दल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इंतज़ाम किए जा रहे हैं.
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