इस बार के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी ने सभी को हैरान करते हुए सरकार बना ली. डीएमके और एआईएडीएमके, दोनों ही पारंपरिक पार्टियों को बड़ा झटका लगा. विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतीं, वहीं डीएमके महज 73 सीटों पर सिमट गई और एआईएडीएमके को 53 सीटें मिलीं.
अब इन नतीजों को आए 110 दिन हो चुके हैं. मुख्यमंत्री विजय भी अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड जारी कर रहे हैं. इसी बीच, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने 110 दिन बाद तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि आखिर किस वजह से डीएमके को इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ा.
एमके स्टालिन ने कहा कि वैसे तो हार के कई कारण होते हैं, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका भी उनमें से एक है. उन्होंने कहा, "हमें अपनी गलतियों को छिपाने की कोई जरूरत नहीं है. सबसे पहले अपनी गलतियों को मानना जरूरी है. हमें खुले दिल से और सभी के सामने उन्हें स्वीकार करना चाहिए. अगर किसी एक शख्स से भी गलती होती है तो 75 साल पुरानी एक पार्टी को उसका नुकसान उठाना पड़ता है."
पूर्व सीएम ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस कार्यकर्ता या किस शख्स की वजह से डीएमके को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ा. लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा जरूर तेज हो चुकी है कि आखिर एमके स्टालिन का इशारा किसकी तरफ था.
वैसे, पिछले कुछ समय से एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन भी विवादों में रहे हैं. पहले अभिनेत्री तृषा को लेकर उनके विवादित बयान ने डीएमके को मुश्किल में डाला था. इसके बाद विधानसभा में भी उनकी मुख्यमंत्री विजय के साथ तीखी बहस देखने को मिली.
अब इन सभी चर्चाओं के बीच एमके स्टालिन ने 110 दिन बाद विधानसभा चुनाव में मिली हार को लेकर जो प्रतिक्रिया दी है, उसने कई तरह की अटकलों को हवा दे दी है.
विजय गोपाल मुरलीधरण की रिपोर्ट
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