भारतीय जनता पार्टी (BJP) 6 अप्रैल को अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है. बीजेपी की स्थान 6 अप्रैल 1980 में किया गया था. इसे लेकर राजस्थान में बीजेपी के एक कार्यक्रम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे पहुंची, जहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 46 साल के सफर में बीजेपी ने कई पड़ाव देखे. जिसमें कई लोग बीजेपी में आए तो कई वापस चले गए. लेकिन पार्टी अपनी जगह खड़ी है. पहले जो नेता थे उन्होंने इस पार्टी को एक साथ लेकर चले और लोगों को सिखाने का काम किया. हमने उन्हीं से सीखा.
अपने संबोधन के दौरान वसुंधरा राजे ने वफादार नेताओं और पार्टी के विचारधारा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की तरफदारी करते हुए कहा कि उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए. उन्हें महत्वपूर्ण स्थान मिलना चाहिए. ऐसे लोग पद की चिंता नहीं करते हैं.
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मूल भाजपा के लोगों को मिले नियुक्तियां और दायित्व
कई लोग भाजपा में आए तो कई वापस चले गए. कई लोगों ने दल बदला, तो कई लोगों ने दिल. कई लोग ऐसे भी हैं जो दल तो बदल लेते हैं पर दिल नहीं बदल पाते. उनकी मानसिकता वही रहती है. इसलिए ये जरूरी है कि हम हमारी मूल विचारधारा के वफ़ादार कार्यकर्ताओं को सम्मान दें. उन्हें ही महत्वपूर्ण स्थान दें. राजनीतिक नियुक्तियां और दायित्व उन्हीं कार्यकर्ताओं को दें जो मूल भाजपा के हैं.
उन्होंने कहा कि जिनमें संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण के भाव हों. जिन्होंने पार्टी के लिए संघर्ष किया है. जो पार्टी विचारधारा के हैं. ऐसे कार्यकर्ताओं को ही मौक़ा मिले, अवसरवादियों को नहीं.
राजे ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, अटलजी, आडवाणी जी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, भैरों सिंह शेखावत ने तूफानों के बीच संगठन का जो दीप जलाया था, उसे विश्व के लोकप्रिय नेता और भारत की तक़दीर बदलने वाले नरेंद्र मोदी ने और अधिक प्रकाशमान किया है. जिसके विकास का उजाला प्रदेश के हर जन तक पहुंचा रहें हैं हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़.
पद के लिए काम नहीं करना चाहिए
वसुंधरा राजे ने कहा, पद के लिए काम मत करो. काम करोगे तो पद चल कर आयेगा. अटलजी आडवाणी जी ने पार्टी की कमान मेरी राजमाता विजय राजे सिंधिया को सौंपना चाहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. जब तक गुरु महाराज नहीं कहते. लेकिन गुरुजी ने भी मना कर दिया और कहा कि यह उस चीज के लिए बनी ही नहीं है. आप लोग लीड कीजिए आपके पीछे खड़ी रहेगी.
आज उसी मजबूती के साथ आज कार्यकर्ताओं को काम करना होगा. उससे अधिक मजबूती के साथ करना होगा. पार्टी का काम प्रोफेशन के तरह नहीं करना होगा.
केवल नेतृत्व के ऊपर छोड़ दें तो नहीं होगा, इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को लग के रहना होगा. केवल पद के लिए नहीं सोचना होगा. काम करोगे तो पद खुद आ जाएगा. यह पार्टी बिना किसी पद के बिना किसी लालच के आगे बढ़ी है. अगर 2047 की बात की जा रही है तो उसके लिए सभी को एकजुट रहना होगा.
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