गैंगस्टर रोहित गोदार के गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. बीकानेर के लूनकरनसर इलाके के कपूरीसर गांव में रोहित गोदारा का दो मंजिला मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है. परिवार का आरोप है कि पुलिस ने घर तुड़वाया है, जबकि पुलिस इससे साफ इनकार कर रही है. घर उजड़ने के बाद अब रोहित की भाभी और भतीजी खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं.
हर वक्त जान का खतरा
रोहित गोदारा की भाभी और भतीजी कैमरे पर युवाओं से एक ही अपील कर रही हैं कि अपराध का रास्ता कभी मत चुनिए. क्योंकि, गैंगस्टर सिर्फ खुद नहीं, पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद कर देता है. समाज रिश्ते तोड़ देता है पढ़ाई प्रभावित होती है, और हर वक्त जान का खतरा बना रहता है.

रोहित गोदारा का मकान गिरा दिया गया है. (NDTV)
रिश्तेदारों ने तोड़ा नाता
परिवार बताता है कि गांव में अब लोग उनसे दूरी बना चुके हैं. रिश्तेदारों ने रिश्ते तोड़ दिए हैं. पड़ोसी कैमरे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. मलबे के बीच अपनी जिंदगी के टूटे हुए सपनों को समेटती रोहित गोदारा की भाभी और भतीजी कैमरे के सामने कई बार भावुक हो जाती हैं.
दो मंजिला मकान मलबे में बदला
बीकानेर जिले के लूनकरनसर के कपूरीसर गांव में रोहित गोदारा का कभी दो मंजिला मकान खड़ा था, आज वहां सिर्फ ईंटें, पत्थर और टूटी दीवारों का मलबा बचा है. यही वो घर है, जहां कभी गैंगस्टर रोहित गोदारा ने अपना बचपन बिताया था, लेकिन अब इस घर की पहचान सिर्फ उजाड़ और सन्नाटे से रह गई है.
बिजली-पानी क कनेक्शन बंद
टूटा हुआ किचन और बिखरा हुआ सामान है. बिजली और पानी का कनेक्शन बंद है.घर के अंदर रखा मंदिर भी टूट चुका है. दवाइयां मलबे में बिखरी पड़ी हैं, और सीसीटीवी का डीवीआर भी गायब है.

रोहित गोदारा का टूटा दो मंजिला मकान. (NDTV)
28 जून को पुलिस ने दी थी चेतावनी
घर में रोहित गोदारा की भाभी और भतीजी रहती थीं. परिवार का कहना है कि 28 जून को पुलिस आई थी, और कहा था कि किसी भी वक्त कोई अनहोनी हो सकती है, इसलिए घर खाली कर दीजिए. इसके बाद परिवार हरियाणा चला गया, और जब वापस लौटा तो पूरा मकान मलबे में बदल चुका था.
पड़ोसियों ने फोन पर दी जानकारी
मंगलवार को पूरे मकान को तोड़ दिया. बुधवार को पड़ोसियों का फोन आया, तब उन्हें घर टूटने की जानकारी मिली. परिवार पुलिस पर घर गिराने का आरोप लगा रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि उसने ऐसा नहीं किया. पुलिस के मुताबिक, किसने मकान तोड़ा. इसकी जांच की जाएगी. अगर कोई शिकायत देगा तो कार्रवाई होगी. पुलिस का कहना है कि इसमें प्रतिद्वंदी गैंग भी हो सकता है. परिवार का आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की गई.
दो मंजिला मकान किसने गिराया?
कपूरीसर गांव में टूटा यह मकान अब सिर्फ एक घर का मामला नहीं रह गया है, बल्कि आरोप और जवाबों की लड़ाई बन चुकी है. परिवार पुलिस पर कार्रवाई का आरोप लगा रहा है. जबकि, पुलिस इन आरोपों से इनकार कर रही है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस दो मंजिला मकान को किसने गिराया, और अगर परिवार के आरोप सही नहीं है, तो जिम्मेदार कौन है? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा.
"12 साल से घर नहीं आया गोदारा"
परिजनों का दावा है कि साल 2013 में पिता संतदास ने उसे घर और परिवार से बेदखल कर दिया था. पिछले करीब 12 साल से रोहित इस गांव या इस घर में वापस नहीं आया. परिवार यह भी कहता है कि यह मकान खेती की कमाई से बनाया गया, इसमें रोहित का कोई पैसा नहीं लगा.
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