राजस्थान के मेवाड़ का प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्रीसांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़ में है. यहां की व्यवस्था किसी कॉर्पोरेट हाउस से कम नहीं है. ये मंदिर अपनी चमत्कारी शक्तियों के साथ-साथ अपनी पारदर्शिता के लिए भी पूरे देश में मिसाल बना हुआ है. बड़े-बड़े व्यापारी श्रीसांवलिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर भी बनाते हैं, और मुनाफे का हिस्सा चढ़ाते हैं. सोमवार यानी 13 जुलाई को दान पात्र खोला गया, पहले दिन 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए तक की गिनती हुई थी. आज फिर नोट गिने जा रहे हैं, जो 6 दिनों तक जारी रहेंगे.
हर महीने 30 से 40 करोड़ का चढ़ावा
श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में हर महीने औसतन 30 से 40 करोड़ रुपए का चढ़ावा आता है. इतनी बड़ी धनराशि का हिसाब रखने के लिए यहां सुरक्षा और निगरानी का अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया गया है. मंदिर के दानपात्र, भेंटकक्ष और कार्यालय हर जगह CCTV कैमरों का पहरा रहता है. व्यवस्था इतनी चुस्त है कि यदि कोई श्रद्धालु भेंटकक्ष में राशि देता है, तो उसे तुरंत रसीद दी जाती है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?

चढ़ावा में आया सोना-चांदी. (NDTV)
साल में 11 बार दान पात्र खोला जाता है
सबसे दिलचस्प पहलू है कि साल में 11 बार दान पात्र खोला जाता है. खुलने वाले इन दान पात्रों से लेकर नोटों की गिनती तक, सब कुछ सीसीटीवी की निगरानी में होता है, और हर दिन गिने गए नोटों को बकायदा मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक भी किया जाता है. जो सभी की जानकारी में रहता है. सुरक्षा में चूक की कोई जगह नहीं है. नोट गणना स्थल पर काम करने वाले हर कर्मचारी की प्रवेश और निकास के समय कड़ी तलाशी ली जाती है.

नोट गिनने में 150 कर्मचारी लगाए गए हैं. (NDTV)
विकास कार्याें में भी लगाते हैं पैसा
मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि सांवलिया सेठ मंदिर प्रशासन इस राशि का पाई-पाई हिसाब रखता है. भक्तों का चढ़ावा केवल तिजोरी भरने के लिए नहीं, बल्कि समाज सेवा और विकास के लिए समर्पित है. वर्तमान में यहां करीब 100 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, इसमें मंदिर परिसर को भव्य बनाना, श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था और आसपास के 16 गांवों का विकास शामिल है.
श्रीसांवलिया सेठ का 5 बैंकों में खाता
उन्होंने कहा कि यहां चढ़ावें की पारदर्शिता इतनी है कि भेंट कक्ष, कार्यालय और दानपेटी तक सीसीटीवी की निगरानी में है. दानपात्र खोलने के दौरान भी मैन्युअल और सीसीटीवी से विशेष निगरानी रखी जाती है. श्रीसांवलिया सेठ के मण्डफिया स्थित 5 बैंकों में खाते हैं. सत्संग हॉल में दानराशि गणना के बाद मण्डफिया के पांच बैंकों के कार्मिक मन्दिर आते हैं, और यहीं से राशि गिनकर और रसीद मन्दिर मण्डल को देकर राशि ले जाते हैं. यहां न केवल साक्षात प्रभु का वास है, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के इस रिश्ते में पारदर्शिता की पवित्रता भी बरकरार है.
यह भी पढ़ें: भरतपुर के बिहारीजी की नाक के नीचे से हीरा चोरी, व्यापारी की मां ने चढ़ाया था 3.65 लाख का डायमंड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं