राजस्थान में निकाय चुनावों की औपचारिक घोषणा के साथ ही चुनावी बिगुल बज चुका है. प्रदेश के 309 नगर निकायों में चुनाव के लिए गुरुवार (27 अगस्त) से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. यह पहली बार है कि प्रदेश में वन स्टेट वन इलेक्शन के तहत 2 चरणों में निकाय चुनाव हो रहे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश के 309 नगर निकायों में 10,245 पार्षद सीटों के लिए चुनाव होंगे. इन निकायों में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं.
अगर राजस्थान में निकायों के आरक्षण की बात करें तो कुल 309 शहरी निकायों में से 121 सीटें आरक्षित की गईं हैं. इनमें 188 सीटें सामान्य वर्ग को दी गई हैं. 309 शहरी स्थानीय निकायों में मेयर और अध्यक्ष के पद अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षित किए गए हैं. 60 पद ओबीसी के लिए, 50 अनुसूचित जाति (एससी) के लिए और 11 अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं.
कब तक दाखिल कर सकेंगे नामांकन
- नामांकन की तारीख: 27, 29 और 31 अगस्त को प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे.
- रक्षाबंधन का अवकाश: 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवकाश के चलते नामांकन नहीं होगा.
- नामांकन पूरा होने के बाद 1 सितंबर को सभी नामांकन पत्रों की जांच (संवीक्षा) की जाएगी.
- नाम वापसी व सिंबल आवंटन: उम्मीदवार 3 सितंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे.
- नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद 4 सितंबर को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे.
14 सितंबर को आएंगे नतीजे
राज्य में मतदान की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए दो चरणों में वोटिंग कराई जाएगी. पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा. इसके बाद 14 सितंबर को सुबह से मतगणना शुरू होगी और उसी दिन सभी 309 निकायों के चुनावी नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.

नगर निकाय चुनाव में कुल एक करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 वोटर मतदान करेंगे. निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए 1,15,255 कार्मिकों की नियुक्ति की जाएगी. मतदान और मतगणना दलों के गठन के लिए सॉफ्टवेयर के माध्यम से रेंडमाइजेशन किया जाएगा.
चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने वाले मतदान दलों को दो स्तरीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. राज्य और जिला स्तर पर चुनाव नियंत्रण कक्ष यानी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे. इनके जरिए चुनाव से संबंधित सूचनाओं, शिकायतों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर निगरानी रखी जाएगी. चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को भी जिम्मेदारी दी जाएगी.
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