दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 में NSUI की करारी हार ने कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. चुनाव परिणाम से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बेहद नाराज बताए जा रहे हैं. कांग्रेस के उच्च सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने 19 सितंबर इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से फ्री होने के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से फोन कर परिणाम की पूरी जानकारी ली और मामले में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. DUSU चुनाव में हार के बाद एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस हार के जिम्मेदारों पर पार्टी की ओर एक्शन लिया जा सकता है.
हार से राहुल गांधी असहज और गुस्से में क्यों?
DUSU चुनाव में ABVP ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े दीपांशु शौकीन जीते हैं. NSUI के इस प्रदर्शन से राहुल गांधी काफी नाराज बताए जा रहे हैं. सूत्रो का कहना है कि इसलिए भी नाराज हैं क्योंकि जब वे इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कर रहे थे, तभी इस तरह के परिणाम सामने आए.
NSUI की हार की वजह क्या?
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में NSUI का सूपड़ा साफ होने की सबसे बड़ी वजह पार्टी की अंदरूनी कलह और गलत टिकट वितरण माना जा रहा है. चुनाव से पहले NSUI में टिकटों को लेकर घमासान शुरू हो गया था. उपाध्यक्ष पद पर भी वीर चतरथ को टिकट दिए जाने का भारी विरोध NSUI के भीतर ही हुआ था. NSUI ने दीपांशु शौकीन को अध्यक्ष के पद पर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन वे उपाध्यक्ष पद से ही टिकट चाहते थे. दोनों अपनी जिद पर अड़े रहे, इसके बाद शौकीन ने अपनी राह अलग कर निर्दलीय मैदान में उतर गए. चुनाव परिणाम के बाद दीपाशु ने उपाध्यक्ष पद जीतकर इतिहास रच दिया. DUSU में पहला मौका है जब किसी निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है.
राहुल गांधी ने इन पॉइंट पर वेणुगोपाल से मांगी रिपार्ट
कार्रवाई के मूड में कांग्रेस
एनएसयूआई की करारी हार से कांग्रेस के सभी बड़े नेता चिंतित हैं. कांग्रेस के भीतर हो रही चर्चाओं की मानें तो कई नेताओं को लगता हैं कि चुनावी नतीजों ने पूरे माहौल और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को प्रभावित किया है. इसकी कारण इस हार के बाद राहुल गांधी ने कड़ी नाराजगी जताई है. जानकारों के अनुसार, आने वाले दिनों में गलत फीडबैक देने वाले रणनीतिकारों पर पार्टी की ओर से कड़ा एक्शन हो सकता है. इसका फैसला रिपोर्ट मिलने के बाद ही राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे.
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