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"पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन कर दीजिए...", पति की गुहार को डॉक्टरों ने नहीं सुना, महिला के गर्भ में बच्चे की मौत

भरतपुर के जनाना अस्पताल में गर्भवती महिला के परिजनों ने हंगामा किया. उनका आरोप है कि डॉक्टर-नर्सिंगकर्मियों की लापरवाही के चलते गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई.

"पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन कर दीजिए...", पति की गुहार को डॉक्टरों ने नहीं सुना, महिला के गर्भ में बच्चे की मौत
भरतपुर के जनाना अस्पताल में महिला के गर्भ में बच्चे की मौत के बाद हंगामा.

भरतपुर के जनाना अस्पताल में एक गर्भवती महिला के पेट में ही बच्चे की मौत का मामला सामने आया है. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. आगरा के रहने वाले नरेश की पत्नी नीलम (32) को मंगलवार (21 जुलाई) को भर्ती कराया था. लेकिन डिलीवरी से पहले ही बच्चे की मौत हो गई. फिर काफी देर तक हाई-वॉल्टेज ड्रामा हुआ और प्रशासन को दखल देना पड़ा. जांच कमेटी गठित होने के बाद परिजन शांत हुए.

"सिजेरियन डिलीवरी के लिए कहा, डॉक्टर नहीं माने"

मृतका के पति का कहना है कि भर्ती के बाद अस्पताल में सभी जांचें की गईं. सोनोग्राफी में बच्चा पूरी तरह ठीक बताया गया. नरेश का आरोप है कि उसने डॉक्टर से ऑपरेशन से डिलीवरी करने की मांग की, लेकिन लेबर रूम में तैनात डॉक्टर और नर्सिंगकर्मियों ने कहा कि बच्चा नॉर्मल हो जाएगा. मैंने कई बार डॉक्टरों से ऑपरेशन की गुजारिश की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी. 

2 बच्चों की पहले ही हो चुकी है मौत

बुधवार (22 जुलाई) सुबह करीब 8 बजे जांच में पता चला कि बच्चे की पेट में ही मौत हो गई है. इसके बाद डॉक्टरों ने नीलम का ऑपरेशन कर बच्चे के शव को बाहर निकाला. लापरवाही की वजह से मेरे बच्चे की जान गई. इससे पहले भी नीलम के 2 बच्चों की मौत हो चुकी है, इसलिए मैं बार-बार ऑपरेशन के लिए कह रहा था.

नरेश ने ये भी आरोप लगाया कि जब उसने ऑपरेशन के लिए कहा तो डॉक्टर और नर्सिंग कर्मियों ने उससे 10 हजार रुपये की मांग की थी. बच्चे की मौत के बाद नरेश बच्चे के शव को लेकर जनाना अस्पताल के बाहर बैठ गया. उसने मांग की है कि लापरवाही करने वाले डॉक्टर और नर्सिंगकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो.

डॉक्टर बोले- संभव है कि मशीन ने गलत रिपोर्ट दी हो

मामले में जनाना अस्पताल के डॉ. नरेंद्र फौजदार का कहना है कि मंगलवार रात को चेकअप करने पर बच्चे की धड़कन नहीं आ रही थी, लेकिन दूसरी मशीन में धड़कन दिख रही थी. संभव है कि मशीन गलत रिपोर्ट दे रही हो. डॉक्टर ने बताया कि मशीन की जांच के आधार पर ही सोनोग्राफी करवाकर नॉर्मल डिलीवरी करने की बात कही थी. सुबह फिर चेक किया तो धड़कन नहीं आ रही थी. सोनोग्राफी में बच्चे की मौत की पुष्टि हुई. उन्होंने बताया कि अस्पताल में रिश्वत मांगने के मामले में जांच कमेटी का गठन किया गया है.

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