राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के तबादलों को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है. आयोग ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि 15 अगस्त तक गृह जिले या गृह क्षेत्र में तैनात अधिकारियों और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों का तबादला किया जाए. आदेश के दायरे में संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, एसपी, अतिरिक्त कलेक्टर, अतिरिक्त एसपी, जिला आबकारी अधिकारी, एसडीएम, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार और डीएसपी समेत कई अधिकारी आएंगे. खास बात यह भी है कि 10 जुलाई के बाद से प्रदेश में ट्रांसफर पर बैन लग गया था, लेकिन एक बार आईएएस और आईपीएस समेत कई अधिकारियों की लंबी लिस्ट आ सकती है.
इन अधिकारियों को हटाने के आदेश
जयपुर और जोधपुर के पुलिस आयुक्तालयों में पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एसीपी के अलावा नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के आयुक्त, उपायुक्त और अधिशासी अधिकारियों पर भी यह नियम लागू होगा. आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए ऐसे अधिकारियों को हटाना जरूरी है, जिनकी तैनाती को लेकर निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं.
30 नवंबर से पहले 3 साल पूरा करने वाले अधिकारी दायरे में
पंचायत स्तर पर बीडीओ, थानाधिकारी, आबकारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार और पीएसआई समेत अन्य अधिकारियों के तबादले किए जाएंगे. आयोग ने 30 नवंबर 2026 को कटऑफ तिथि मानते हुए पिछले चार वर्षों में किसी जिले, नगरीय क्षेत्र या पंचायत समिति में तीन साल से अधिक समय तक तैनात रहे अधिकारियों को भी हटाने के निर्देश दिए हैं.
लापरवाह अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने के आदेश
पिछले चुनावों में लापरवाही के लिए जिन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है, उन्हें चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाएगा. चुनाव की घोषणा के बाद आयोग की अनुमति के बिना किसी अधिकारी का तबादला नहीं किया जा सकेगा. राजस्थान हाईकोर्ट में सरकार 15 नवंबर 2026 तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराने का शपथ-पत्र दे चुकी है.
यह भी पढ़ेंः IAS ओम कसेरा की स्पेशल मुहिम, जयपुर बनेगा 'रेबीज फ्री सिटी', फ्रेंडशिप डे से शुरू होगा अभियान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं