जयपुर नगर निगम ग्रेटर ने शहर को रेबीज मुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत की है. फ्रेंडशिप डे के अवसर पर आगामी 2 अगस्त से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत जयपुर में पालतू श्वानों और बिल्लियों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि रेबीज पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके. आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है, जिसे महज पांच मिनट में पूरा किया जा सकता है.
पुराने रिकॉर्ड की होगी समीक्षा
निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम कसेरा ने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे पालतू जानवर मौजूद हैं जिनका पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है. ऐसे में पुराने रिकॉर्ड की भी नए सिरे से समीक्षा की जाएगी. पेट शॉप से पशु खरीदने, पालने या किसी एनिमल को गोद लेने वाले नागरिकों को अनिवार्य रूप से रेबीज पंजीकरण करवाने और एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
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1 हजार की होगी रजिस्ट्रेशन फीस
सीईओ ने स्पष्ट किया कि 2 अगस्त को दुर्गापुरा में विशेष शिविर लगाया जाएगा. महज 1000 रुपये की फीस पर पालतू पशुओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. इस शिविर में पालतू पशुओं को मुफ्त रेबीज का टीका लगाने के साथ ही उनके शरीर में माइक्रो चिप भी लगाई जाएगी, ताकि उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सके और उनकी सही पहचान व ट्रैकिंग आसानी से हो सके. इसके अलावा पशुपालकों को जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे और इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए एनिमल लवर्स और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा.
शेल्टर हाउस के लिए भी तेजी से होगा काम
ओम कसेरा ने बताया कि हाईकोर्ट ने भी आवारा श्वानों और रेबीज के बढ़ते मामलों पर अपनी चिंता जाहिर की है. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और राज्य सरकार की नीतियों के अनुरूप शहर में डॉग शेल्टर हाउस के निर्माण के लिए जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है. आवारा कुत्तों को गोद लेने के अभियान को भी जोर-शोर से बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि सड़कों पर इनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सके और इनका बेहतर संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके.
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