विज्ञापन

फर्जी डिग्री, फेक डॉक्टर और नकल माफिया...IPS विशाल बंसल का ऑपरेशन क्यों बना मिसाल?

आईपीएस विशाल बंसल पेपर लीक गैंग से जुड़े कई आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुके हैं. इन दिनों फर्जी डॉक्टरों के गिरोह का खुलासा करने में जुटे हुए हैं.

फर्जी डिग्री, फेक डॉक्टर और नकल माफिया...IPS विशाल बंसल का ऑपरेशन क्यों बना मिसाल?
IPS Vishal Bansal

देशभर में कई ऐसे ग्रेजुएट्स हैं, जो विदेश से एमबीबीएस करने के बाद बिना एग्जाम पास किए मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे हैं. इन अभ्यर्थियों ने एफएमजी (FMG) एग्जाम में फेल होने के बाद फेक सर्टिफिकेट बनवाए और फर्जी डॉक्टर बन गए. इस पूरे रैकेट का खुलासा राजस्थान एसओजी कर चुकी है, कार्रवाई अभी भी जारी है. एसओजी एडीजी IPS विशाल बंसल फर्जी डॉक्टरों के गिरोह की कमर तोड़ने में जुटे हुए हैं. हाल ही में मामला डीग जिले के गोपालगढ़ में सामने आया, जहां 27 वर्षीय चरण सिंह को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने वर्ष 2017 से 2022 के बीच कजाकिस्तान के अल्माटी विश्वविद्यालय से एमबीबीसी की डिग्री ली. भारत लौटने के बाद जब कई बार एग्जाम देने के बावजूद भी स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं हुई तो फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिया. मामले में अब तक राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पूर्व रजिस्ट्रार समेत 28 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सरगना भानाराम भी एसओजी की गिरफ्त में है.

फेक डॉक्टर हो या फर्जी डिग्री का रैकेट, इन तमाम फर्जीवाड़े के खिलाफ विशाल बंसल का ऑपरेशन हर बार सफल रहा है. मुखबिर के मजबूत नेटवर्क के साथ ही वो तकनीक का इस्तेमाल भी बखूबी करना जानते हैं.  

फर्जी मेडिकल रजिस्ट्रेशन के नेटवर्क का ऐसे हुआ खुलासा

एडीजी विशाल बंसल ने NDTV से बातचीत में बताया कि इस पूरे रैकेट का ख़ुलासा दौसा से हुआ था. मुखबिर के ज़रिए एसओजी को मिली सूचना के आधार पर 3 फर्जी डॉक्टरों को गिरफ़्तार किया. एसओजी ने दौसा में पीयूष कुमार त्रिवेदी, देवेंद्र सिंह गुर्जर और शुभम गुर्जर को गिरफ्तार किया. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. पीयूष ने एफएमजीई परीक्षा साल 2022, 2023 और 2024 में दी. तीनों बार फेल हुआ तो देवेन्द्र सिंह गुर्जर से संपर्क किया. देवेन्द्र ने शुभम गुर्जर और अन्य लोगों के साथ मिलकर 16 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट और एनएमसी रजिस्ट्रेशन का सौदा किया.

विशाल बंसल की टीम ने ऐसे 100 से अधिक फर्जी संदिग्ध विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स की पहचान कर ली है. ये वो फर्जी डॉक्टर हैं, जो विदेश से ग्रेजुएट होने के बाद फेक एफएमजी सर्टिफिकेट के जरिए मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ेंः कौन हैं वो सांसद जिन्हें UN से आया बुलावा, संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच पर पहली बार देंगे भाषण

200 से अधिक नकल माफियाओं को पहुंचा जेल

आईपीएस विशाल बंसल की टीम ने कई नकल माफियाओं को गिरफ्तार किया. फर्जी डिग्री के गिरोह की परतें भी खोलीं.

आईपीएस विशाल बंसल की टीम ने कई नकल माफियाओं को गिरफ्तार किया. पुलिस अधिकारी ने फर्जी डिग्री के गिरोह की परतें भी खोलीं.

पुलिस अधिकारी अब तक 200 से अधिक नकल माफ़ियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचा चुके हैं. सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा, एलडीसी भर्ती, नीट पेपर, शिक्षक भर्ती, जेईएन, प्रयोगशाला भर्ती समेत दर्जनों भर्ती परीक्षा से जुड़े माफियों को उन्होंने पकड़ा. 

10 लाख अभ्यर्थियों के डेटा को AI की मदद से खंगाला 

ऐसा पहली बार नहीं है, जब आईपीएस बंसल ने फर्जीवाड़े पर नकेल कसने के लिए स्पेशल ऑपरेशन चलाया. बल्कि यूनिवर्सिटी में चल रहे फर्जी डिग्री के गिरोह का भी खुलासा कर चुके हैं. ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, जेएस यूनिवर्सिटी, सत्य साईं यूनिवर्सिटी (मध्यप्रदेश), उत्तराखंड की हिमालयन गड़वाल यूनिवर्सिटी, कलिंगा यूनिवर्सिटी, सिरलॉक्स यूनिवर्सिटी, मेवाड यूनिवर्सिटी समेत 25 से ज्यादा यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्रियों के नेटवर्क का भी पता लगाया. उन्होंने एक एआई सॉफ़्टवेयर तैयार किया, जिसमें लगभग 10 लाख अभ्यर्थियों का डेटा रखा गया है. कैंडिडेट की फ़ोटो और साइन डालते ही अभ्यर्थी की पूरी डिटेल आ जाती है. इससे डमी कैंडिडेट की पहचान करना बेहद आसान है.

यह भी पढ़ेंः बीजेपी विधायक का करीब 650 किमी दूर तबादला! पटवारी की लिस्ट में डाल दिया MLA का नाम

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rajasthan News, IPS Officer, Vishal Bansal, SOG Action, Paper Leak Rajasthan
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com