- कुछ रूसी महिलाएं सैनिकों से शादी कर युद्ध में उनकी मौत पर मुआवजा हासिल कर रहीं- इन्हें ब्लैक विडो कहा जा रहा
- रूसी सेना के जवानों को मौत के बाद परिवार को मिलने वाली रकम कम से कम पचास लाख रूबल होती है
- ब्लैक विडो स्कैम में सुरक्षा बल के सदस्य भी शामिल पाए गए हैं जो महिलाओं के साथ मिलकर इस जाल को अंजाम देते हैं
जंग के मैदान में जाने से ठीक पहले शादी करने वालीं 'ब्लैक विडो'... और फिर कुछ ही दिनों बाद सैनिक की मौत. हम मार्वेल वर्ल्ड की अगली फिल्म की कहानी नहीं बता रहे हैं. यह ऐसी सच्ची कहानियां हैं जो रूस में इन दिनों लोगों को डरा रही हैं. आरोप है कि कुछ महिलाएं जानबूझकर उन सैनिकों से शादी कर रही हैं, जिन्हें यूक्रेन युद्ध में भेजा जा रहा है. मकसद प्यार या जीवन भर का साथ नहीं, बल्कि मौत के बाद मिलने वाली लाखों रुपये की सरकारी मदद बताई जा रही है. रूस में इन्हें 'ब्लैक विडो' यानी काली विधवा कहा जा रहा है. कई परिवारों का दावा है कि उनके बेटे और पिता एक खतरनाक जाल में फंस गए. सवाल है कि आखिर क्या है यह पूरा खेल, और क्यों पूरे रूस में इसे लेकर हंगामा मचा हुआ है?
मिलिट्री हॉस्पिटल में नर्स और 5 सैनिकों से शादी
सीएनएन की एक रिपोर्ट में ऐसी कई स्कैम वाली शादियों को सामने लाया गया है. एक कहानी मारिया की है जिसे रूसी सेना ने बताया कि यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर उसके 59 साल के पिता को गोली लगी थी और बाद में उनकी मौत हो गई. उस युवती को न सिर्फ यह नहीं पता था कि उसके पिता यूरी सेना में भर्ती हो गए थे, बल्कि उसे यह भी बताया गया कि लड़ाई के लिए भेजे जाने से ठीक दो दिन पहले ही उन्होंने 22 साल छोटी महिला से शादी की थी. जिस महिला से मारिया के पापा ने शादी की थी, उससे मारिया कभी मिली नहीं थी. लेकिन जंग में मारे जाने के बाद परिवार को सरकार की ओर से जो आर्थिक मदद मिलनी चाहिए थी, वह उस महिला को गया जिसने 2 दिन पहले शादी रचाई थी.
इस रिपोर्ट के अनुसार जब लड़ाई में कोई रूसी सैनिक मारा जाता है, तो उसके परिवार वालों को सेना की तरफ से एकमुश्त रकम मिलती है, जो कम से कम 50 लाख रूबल (भारतीय करेंसी में 60 लाख रुपए) होती है. वैसे तो यह मुआवजा सैनिकों को यह भरोसा दिलाने के लिए दिया जाता है कि अगर उनकी जान गई तो उनके परिवार का ध्यान रखा जाएगा. लेकिन हो कुछ और ही रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार हाल के महीनों में रूस में कई ऐसी खबरें आई हैं जिन्होंने लोगों को चौंका दिया है. ऐसे मामलों में रूसी सेना में भर्ती हुए लोगों को कथित तौर पर शादी के जाल में फंसाया गया और फिर वे जंग के मोर्चे पर मारे गए, या फिर उन्होंने मरते समय शादी की. पिछले साल भी ब्लैक विडो का एक चर्चित मामला आया था. रूस के एक मिलिट्री हॉस्पिटल में काम करने वाली नर्स पर आरोप था कि उसने अपनी देखरेख में रहे पांच सैनिकों से उनकी मौत से ठीक पहले शादी की, ताकि उनकी मौत के बाद मिलने वाली मोटी रकम हासिल कर सके. बाद में इस नर्स को नौकरी से निकाल दिया गया.
ऐसी चौंकाने वाली घटनाएं भी सामने आई हैं जिनमें रूसी सुरक्षा बलों के मेंबर ही ब्लैक विडो स्कैम में शामिल दिखे हैं. इसमें वे महिलाओं के साथ मिलकर उनके नए-नए बने पतियों को खतरनाक मिशन पर भेजते थे, ताकि अगर उनकी मौत हो जाए, तो मिलने वाले मुआवजे का कुछ हिस्सा उन्हें मिल सके.
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