विज्ञापन

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP-कांग्रेस का बड़ा दांव, नहीं जारी होगी उम्मीदवारों की लिस्ट

राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने उम्मीदवारों के नाम को लेकर नया फॉर्मूला तय किया है. इस फॉर्मूले की वजह दोनों पार्टियों की खास रणनीति है.

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP-कांग्रेस का बड़ा दांव, नहीं जारी होगी उम्मीदवारों की लिस्ट
राजस्थान निकाय चुनाव में BJP-कांग्रेस का बड़ा दांव
IANS

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने टिकट वितरण की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. दोनों ही दल कई वार्डों में प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने के बजाय सीधे अधिकृत प्रत्याशी को चुनाव चिन्ह यानी सिंबल देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा विवादित वार्डों में पार्टी के भीतर होने वाली बगावत और विरोध को नियंत्रित करने के तौर पर देखा जा रहा है. भाजपा ने 28 अगस्त को जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय पर नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर दिनभर संभागवार और जिलावार बैठकें कीं. देर रात तक बैठकों का दौर जारी रहा. इन बैठकों में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन के साथ चुनावी रणनीति, बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा हुई. 

बीजेपी दफ्तर में बैठकों का दौर

निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर शुक्रवार को दिनभर बैठकों का दौर चला. पहले बीकानेर संभाग के निकायों को लेकर चर्चा हुई, जबकि रात में जोधपुर संभाग की बैठक जारी रही. बैठकों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार, राष्ट्रीय महामंत्री और निकाय चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. 

महाराष्ट्र से चुनाव समन्वय के लिए आए चंद्रशेखर बावनकुले सहित अरुण चतुर्वेदी, अविनाश गहलोत, श्रवण सिंह बगड़ी, कैलाश मेघवाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने भी चुनावी तैयारियों पर चर्चा की.

बूथ स्तर पर बीजेपी की रणनीति पर जोर

बैठकों में संभावित उम्मीदवारों के नामों के साथ-साथ वार्डवार राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और स्थानीय समीकरणों पर भी मंथन किया गया. भाजपा की बैठकों में सिर्फ टिकट वितरण ही चर्चा का विषय नहीं रहा. पार्टी ने निकाय चुनाव में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की रणनीति पर भी जोर दिया. कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय, चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने को लेकर चर्चा हुई. इसके साथ ही राज्य और केंद्र की डबल इंजन सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति भी बनाई जा रही है.

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP-कांग्रेस का बड़ा दांव, नहीं जारी होगी उम्मीदवारों की लिस्ट

Photo Credit: X- @BJP4Rajasthan

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इस बार निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की अंतिम सूची सार्वजनिक नहीं करने का फॉर्मूला अपना सकती है. पार्टी स्तर पर जिन नामों पर सहमति बनेगी, उनकी जानकारी संबंधित जिला अध्यक्ष और विधायक को भेजी जाएगी. इसके बाद पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को जिला कार्यालय बुलाकर चुनाव चिन्ह सौंपा जाएगा. जिन संभागों में प्रत्याशियों को लेकर रायशुमारी पूरी हो चुकी है, वहां के निकाय प्रभारियों को प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर वाले खाली सिंबल दिए जाने की जानकारी सामने आई है.

इन प्रभारियों को संबंधित क्षेत्रों में भेजा गया है, ताकि अंतिम निर्णय के बाद अधिकृत प्रत्याशी को सिंबल दिया जा सके. प्रदेश भाजपा कार्यालय में नाम फाइनल होने के बाद संबंधित जिला अध्यक्ष और विधायक को इसकी जानकारी मेल के माध्यम से भेजी जाएगी. इसके बाद जिला अध्यक्ष और विधायक अधिकृत प्रत्याशी को सूचना देंगे और उसे पार्टी का सिंबल सौंपेंगे. भाजपा इन चुनावों को केवल स्थानीय निकाय चुनाव के तौर पर नहीं, बल्कि संगठन की जमीनी ताकत परखने के बड़े अवसर के रूप में देख रही है.

कांग्रेस भी अपनाएगी सिंबल वाला फॉर्मूला

भाजपा के साथ कांग्रेस में भी टिकट वितरण को लेकर इसी तरह की रणनीति पर काम चल रहा है. कांग्रेस कई जगहों पर प्रत्याशियों की सार्वजनिक घोषणा करने के बजाय सीधे उम्मीदवार या संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर तक पार्टी का सिंबल पहुंचाने की तैयारी में है. खास तौर पर जिन वार्डों में टिकट को लेकर विवाद या स्थानीय स्तर पर खींचतान है, वहां पार्टी प्रत्याशियों के नामों की सूची जारी करने से बच सकती है. ऐसे मामलों में अधिकृत उम्मीदवार को सीधे सिंबल देने की रणनीति अपनाई जा रही है.

कांग्रेस ने कई जिलों में जिलाध्यक्षों को सिंबल भेजने शुरू कर दिए हैं. स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और वार्ड के सियासी समीकरणों को देखते हुए जिलाध्यक्षों को प्रत्याशियों के चयन और टिकट की घोषणा में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है. हालांकि कांग्रेस ने यह फॉर्मूला सभी वार्डों के लिए अनिवार्य नहीं किया है. जहां टिकट को लेकर सहमति है, वहां सामान्य तरीके से प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो सकती है. वहीं विवादित सीटों पर उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक करने के बजाय सीधे सिंबल देने का विकल्प रखा गया है.

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP-कांग्रेस का बड़ा दांव, नहीं जारी होगी उम्मीदवारों की लिस्ट

Photo Credit: X-@GovindDotasra

बगावत रोकने के लिए नया फॉर्मूला 

दरअसल निकाय चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के सामने टिकट वितरण के बाद होने वाली बगावत की होती है. एक ही वार्ड से कई दावेदार होने के कारण टिकट नहीं मिलने पर नेता और कार्यकर्ता निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं. ऐसे में प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं करने से पार्टी अंतिम समय तक नाम को लेकर गोपनीयता बनाए रख सकती है. इससे टिकट की घोषणा के बाद होने वाले विरोध और बगावत को सीमित करने की कोशिश होगी. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर आखिरी समय में बदलते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भी सिंबल वितरण का विकल्प दोनों दलों के लिए उपयोगी माना जा रहा है.

निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की यह रणनीति बताती है कि इस बार दोनों दल प्रत्याशी चयन को लेकर ज्यादा सतर्क हैं. विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तुलना में निकाय चुनाव में स्थानीय समीकरण, व्यक्तिगत प्रभाव और वार्ड स्तर की राजनीति ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में पार्टी नेतृत्व टिकट वितरण के दौरान होने वाले विवाद को कम से कम रखना चाहता है. यही वजह है कि अंतिम समय तक प्रत्याशी का नाम गोपनीय रखते हुए अधिकृत उम्मीदवार को सीधे सिंबल देने का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है. अब देखना होगा कि नाम सार्वजनिक किए बिना सिंबल देने की यह रणनीति दोनों दलों के लिए कितनी कारगर साबित होती है और टिकट की दौड़ में शामिल दावेदारों के बीच असंतोष को कितना नियंत्रित किया जा सकेगा.

यह भी पढे़ं-

अजमेर-उदयपुर, भरतपुर-कोटा संभाग, निकाय चुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों पर आया अपडेट

राजस्थान: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे का सियासी दांव फेल? पड़ोसियों के बयान ने पलट दिया गेम

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rajasthan Nagar Nikay Election, Rajasthan Nagar Nikay Election 2026, Rajasthan Nikay Chunav, Rajasthan Nikay Chunav 2026, Rajasthan Nikay Election 2026
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com