रविवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत की सुचिका तारियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में देश का पहला मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. 36 साल की सुचिका ने महिलाओं के ट्रेडिशनल 60kg कैटेगरी के क्वार्टरफाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है. तारियाल ने पक्का कर दिया है कि भारत को इस नए इवेंट में मेडल मिलेगा, क्योंकि सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है, जिसका मतलब है कि टॉप-4 में जगह बनाने से उनका पोडियम फिनिश पक्का हो गया है.
सुचिका तारियाल के निशाने पर गोल्ड मेडल
तारियाल अब वह सोमवार को टॉप-4 स्टेज में मुकाबला करेंगी, जहां उनके पास गोल्ड मेडल मुकाबले में जगह बनाने का मौका होगा. इस भारतीय फाइटर ने अपने करियर में जूडो और जिउ-जित्सु समेत कई कॉम्बैट स्पोर्ट्स में हिस्सा लिया है. आइची-नागोया आने से पहले वह 2026 एशियन MMA चैंपियनशिप में दो बार मेडल भी जीत चुकी थीं. क्वार्टरफाइनल में जीत के बाद, तारियाल ने बताया कि एशियन गेम्स का यह मेडल उनके और उनके परिवार के लिए क्या मायने रखता है.
सुचिका ने बताया क्यों चुना मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स?
सुचिका ने कहा, 'देश के लिए एक पदक पक्का करना बहुत बड़ी बात है. अब मैं स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोडूंगी. उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं ऐसा खेल सीखूं जिसमें लड़ना पड़े, इसलिए मैंने जूडो को चुना. उसी सफर ने मुझे यहां तक पहुंचाया है. यह अगले स्तर पर जाने के लिए आधार को मजबूत करने जैसा है, और जूडो ने इसमें मेरी बहुत मदद की है.'
हरियाणा के रोहतक से शुरू हुआ सुचिका का सफर
उनका यह सफर हरियाणा के रोहतक से शुरू हुआ जहां वह एक साधारण परिवार में पली-बढ़ीं. जब वह 12 साल की थी तब छेड़छाड़ की एक घटना ने उन्हें झकझोर दिया और उन्होंने आत्मरक्षा के लिए जूडो सीखना शुरू किया. उन्होंने सबसे पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में और बाद में पालम के दादा देव मंदिर केंद्र में प्रशिक्षण लिया जिसके बाद उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) भोपाल में अपने कौशल को निखारा.
20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किया प्रतिनिधित्व
सुचिका ने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठ बार राष्ट्रीय चैंपियन बनी. उन्होंने 2019 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप और 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता. सुचिका ने इसके अलावा 2018 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता.
एमएमए में 2017 में शुरू हुआ सफर
उन्होंने 2024 जेजेआईएफ जिउ-जित्सु विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता. एमएमए में उनका सफर काफी पहले 2017 में शुरू हो गया था, लेकिन उसके बाद उन्होंने सात साल का ब्रेक लिया और इस दौरान जूडो और जिउ-जित्सु में प्रतिस्पर्धा करना जारी रखा.
ब्रेक के बाद 2024 में की वापसी
उन्होंने 2024 में पेशेवर एमएमए में वापसी की और महिला स्ट्रॉवेट डिवीजन में ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन के साथ कई मुकाबलों का अनुबंध किया. उन्होंने दिसंबर 2024 में बहरीन में ब्रेव सीएफ 92 में जीत हासिल की. एमएमए में कदम रखना उनके लिए एक चुनौती भरा सफर रहा है. उन्होंने पहले और दूसरे एमएमए-एसएफआई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और उसके बाद जनवरी और मई 2026 में तीसरे और चौथे एशियाई मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किए.
क्या होता है MMA?
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) एक फुल-कॉन्टैक्ट कॉम्बैट स्पोर्ट है, जिसमें खिलाड़ी एक ही मुकाबले के दौरान कई मार्शल आर्ट्स की तकनीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें बॉक्सिंग, मुए थाई, कुश्ती, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु, जूडो और कराटे जैसी विधाओं के दांव-पेंच शामिल होते हैं. MMA की खास बात यह है कि इसमें फाइटर स्ट्राइकिंग (पंच, किक, नी स्ट्राइक) के साथ-साथ ग्रैपलिंग, टेकडाउन और सबमिशन तकनीकों का भी उपयोग कर सकते हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबला खेलों में से एक माना जाता है.
MMA के नियम क्या हैं?
MMA में खिलाड़ियों की सुरक्षा और निष्पक्ष मुकाबले के लिए तय नियम लागू होते हैं. फाइटर अलग-अलग वेट कैटेगरी में मुकाबला करते हैं ताकि बराबरी की प्रतिस्पर्धा हो सके. सिर के पीछे वार करना, आंखों में उंगली डालना, काटना और ग्रोइन स्ट्राइक जैसे मूव्स फाउल माने जाते हैं. मुकाबला नॉकआउट (KO), टेक्निकल नॉकआउट (TKO), सबमिशन (टैप-आउट) या जजों के फैसले से जीता जा सकता है. यदि रेफरी को लगता है कि कोई खिलाड़ी खुद का बचाव नहीं कर पा रहा है, तो वह तुरंत मुकाबला रोक सकता है.
MMA का फुल फॉर्म क्या है?
MMA का फुल फॉर्म Mixed Martial Arts (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स) है.
MMA में जीत कैसे तय होती है?
नॉकआउट, टेक्निकल नॉकआउट, सबमिशन या जजों के निर्णय से.
क्या MMA में सिर्फ मुक्केबाजी होती है?
नहीं, इसमें पंच और किक के अलावा कुश्ती, टेकडाउन और सबमिशन तकनीकें भी शामिल होती हैं.
क्या MMA में सभी तकनीकों की अनुमति होती है?
नहीं, आंखों में उंगली डालना, काटना और सिर के पीछे वार करना जैसे मूव्स प्रतिबंधित हैं.
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