राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देश पर हुए सर्वे में जैसलमेर के 83 हजार 4 सौ 60 OBC परिवारों का डेटा इकट्ठा किया गया है. सर्वे पूरा होने के बाद अब जिले की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है, क्योंकि इन आंकड़ों के आधार पर आगामी चुनावों में OBC वर्ग के लिए 21% सीटों का आरक्षण आबादी के अनुपात में तय होने की संभावना है.
डिजिटल माध्यम से हुआ सर्वे
आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, जैसलमेर के सहायक निदेशक राजेंद्र मेघवाल ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार सर्वे का कार्य निर्धारित समय में पूरा कर लिया गया है. प्रारंभिक रूप से यह सर्वे 10 जुलाई से 23 जुलाई तक होना था, लेकिन आयोग ने इसकी समय-सीमा बढ़ाकर 26 जुलाई कर दी थी. सर्वे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से 'राजधारा' ऐप के जरिए किया गया, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी (VDO), पटवारी और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) सहित विभिन्न कर्मचारियों को लगाया गया था.
घर-घर जाकर जुटाई जानकारी
राजेंद्र मेघवाल ने बताया कि सर्वे के तहत जिले के चारों उपखंड- जैसलमेर, पोकरण, भणियाणा और फतेहगढ़ और जैसलमेर नगर परिषद एवं पोकरण नगरपालिका क्षेत्र में घर-घर जाकर जानकारी जुटाई गई. सर्वे के अनुसार, जिले में 76 हजार 2 सौ 59 परिवार ग्रामीण क्षेत्रों में और 7 हजार 201 परिवार शहरी क्षेत्रों में OBC वर्ग के पाए गए हैं. इस प्रकार जिले में कुल 83 हजार 460 OBC परिवारों का डेटा दर्ज किया गया है.
उन्होंने बताया कि अब चारों उपखंड अधिकारियों से यह प्रमाण-पत्र लिया जाएगा कि उनके क्षेत्र का कोई भी पात्र परिवार सर्वे से वंचित नहीं रहा है. इसके बाद अंतिम सत्यापित रिपोर्ट राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजी जाएगी.
ओबीसी आबादी में बढ़ोतरी
जानकारों के अनुसार, इस बार OBC सर्वे के आंकड़े पहले के सरकारी अनुमानों से कहीं अधिक सामने आए हैं. पहले जिले में OBC परिवारों की संख्या करीब 67 हजार मानी जा रही थी, जबकि सर्वे में यह संख्या 83,460 दर्ज हुई है. स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि जिले में OBC वर्ग के अधिकांश परिवार मुस्लिम समुदाय से जुड़े हैं, और कुल OBC आबादी में उनकी हिस्सेदारी 60 से 70% के बीच है.
आबादी के अनुपात में तय होगा आरक्षण
अब तक नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं में OBC आरक्षण लॉटरी के आधार पर तय होता था, जिससे कई बार ऐसे वार्ड भी OBC के लिए आरक्षित हो जाते थे, जहां उनकी आबादी बहुत कम होती थी. लेकिन अब नए सर्वे के आधार पर OBC आरक्षण भी आबादी के अनुपात में तय होगा. उदाहरण के तौर पर जैसलमेर नगर परिषद के 45 वार्डों में लगभग 9 वार्ड OBC के लिए आरक्षित होंगे, और प्राथमिकता उन वार्डों को मिलेगी जहां OBC आबादी अधिक है. यही व्यवस्था जिला प्रमुख, प्रधान और नगर परिषद सभापति जैसे पदों के आरक्षण में भी लागू होने की संभावना है.
माना जा रहा है कि इस सर्वे के बाद आगामी स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों में वार्डों की आरक्षण व्यवस्था और चुनावी रणनीतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
यह भी पढ़ें: राजस्थान में REET-2021 पेपर लीक का मुद्दा गरमाया, किरोड़ी लाल मीणा ने अमित शाह को भेजा 11 पन्नों का लेटर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं