राजस्थान के कोटा में मोबाइल गेम खेल रहे एक लड़के को रोकना परिवार वालों को भारी पड़ गया. 11वीं में पढ़ने वाला लड़के को घरवालों ने मोबाइल में गेम खेलने से रोका तो वह तुरंत नाराज हो गया. लड़के की नाराजगी इस हद तक पहुंच गई कि उसने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. लड़के की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया. पहले तो परिजन लड़के के शव का पोस्टमार्टम करने वाले के लिए तैयार नहीं थे. बाद में पुलिस की समझाइश के बाद शव का पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए.
11वीं में पढ़ाई करता था लड़का
कोटा के दादाबाड़ी थाना क्षेत्र की हनुमान बस्ती है. जहां से यह दर्दनाक घटना सामने आई. बस्ती में रहने वाला मयंक नागर 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था. वह मोबाइल में अक्सर गेम खेलता रहता था. इसी बीच पिता ने उसे मोबाइल पर गेम खेलते हुए देख लिया तो डांटते हुए उसे मोबाइल न चलाने को कहा. जानकारी के मुताबिक, जब मयंक नहीं माना तो उसके पिता ने मोबाइल फोन छीन लिया.
मोबाइल चलाने से रोका तो उठाया कदम
इसी बात को लेकर मयंक काफी गुस्सा हो गया. इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया. जहरीला पदार्थ खाने के बाद मयंक की तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत हो गया. परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान मयंक की मौत हो गई. घटना की सूचना मिलने के बाद दादाबाड़ी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

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मोबाइल में गेम खेल रहा था मयंक
परिजनों के मुताबिक, मयंक लगातार मोबाइल पर गेम खेल रहा था और घरवालों ने उसे गेम खेलने से मना किया था. इसके बाद वह नाराज हो गया. तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मयंक की मौत हो गई. मयंक 11वीं कक्षा का छात्र था. दादाबाड़ी थाना अधिकारी बलदेव राम मीणा ने बताया कि परिजनों द्वारा कुछ कहने पर बच्चों ने विषाक्त पदार्थ खा लिया था. पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया है. मामले की जांच की जा रही है.
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