भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे संवेदनशील जिले जैसलमेर में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों पर आयकर विभाग ने अपनी जांच दूसरे दिन भी जारी रखी. उदयपुर से आई 8 सदस्यीय टीम, असिस्टेंट कमिश्नर एलएन मीणा के नेतृत्व में बुधवार को भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची, और जमीनों की रजिस्ट्री, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड का गहन परीक्षण किया. इस कार्रवाई में जैसलमेर की स्थानीय आयकर टीम भी सहयोग कर रही है.
बाहरी निवेशकों ने खरीदी जमीनें
सूत्रों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं. पर्यटन, होटल, रिसॉर्ट, सोलर और अन्य निवेश परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में बाहरी निवेशकों ने यहां जमीनें खरीदी हैं. इसी दौरान जमीन सौदों में कथित वित्तीय अनियमितताओं, कर चोरी और संदिग्ध लेनदेन को लेकर विभाग को लगातार इनपुट और शिकायतें मिल रही थीं. इन्हीं शिकायतों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है.
PAN कार्ड की भी जांच
सूत्रों के मुताबिक, जांच का सबसे बड़ा फोकस उन रजिस्ट्रियों पर है, जिनमें पैन कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया या गलत पैन नंबर दर्ज किए गए या अधूरी जानकारी के आधार पर पंजीकरण कराया गया. इसके अलावा ऐसे सौदों की भी जांच की जा रही है, जिनमें बड़ी मात्रा में नकद लेनदेन होने की आशंका है.
जांच एजेंसियां उन मामलों का भी सत्यापन कर रही है, जहां जमीन की वास्तविक बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है, लेकिन रजिस्ट्री काफी कम मूल्य पर कराई गई. आशंका है कि इस तरीके से स्टांप ड्यूटी और आयकर से जुड़े प्रावधानों से बचने का प्रयास किया गया.
पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे
सूत्रों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का सिस्टम आयकर विभाग के डेटाबेस से सीधे लिंक नहीं होने के कारण कई बार गलत या अपूर्ण जानकारी दर्ज होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाती थी. यही कारण है कि अब पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, जिससे दस्तावेजों और कर संबंधी विवरण का मिलान किया जा सके.
पिछले दो दिनों से टीम लगातार रजिस्ट्रियों, खरीद-बिक्री के दस्तावेजों, पैन विवरण और अन्य रिकॉर्ड का मिलान कर रही है. जांच के दौरान कई वर्षों के रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं.
जैसलमेर तक सीमित नहीं
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई केवल जैसलमेर तक सीमित नहीं है. इससे पहले हनुमानगढ़, अनूपगढ़ और बाड़मेर के चोहटन क्षेत्र में भी इसी तरह की जांच की जा चुकी है. विभाग विभिन्न जिलों से प्राप्त सूचनाओं और दस्तावेजों का मिलान कर बड़े स्तर पर भूमि लेनदेन का विश्लेषण कर रहा है.
सूत्र यह भी बताते हैं कि इस पूरे मामले को लेकर कुछ शिकायतें केंद्रीय स्तर तक पहुंची थीं. इन्हीं इनपुट के आधार पर आयकर विभाग ने सीमावर्ती जिलों में चरणबद्ध तरीके से जांच शुरू की है. हालांकि, इस संबंध में किसी सरकारी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
जयपुर से दिल्ली तक जाएगी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, जांच में जुटाए जा रहे दस्तावेज और इनपुट पहले जयपुर स्थित वरिष्ठ आयकर अधिकारियों को भेजे जाएंगे. वहां प्रारंभिक परीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के माध्यम से दिल्ली भेजी जाएगी. यदि जांच में कर चोरी, बेनामी निवेश या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आयकर अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल दूसरे दिन भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जांच जारी रही. आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
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