विज्ञापन

ममता बनर्जी को लगा एक और झटका, पुराने सहयोगी और करीबी रहे मदन मित्रा भी बागी गुट में हुए शामिल 

टीएमसी से बीते कुछ समय में कई बड़े नेता ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बागियों के गुट में शामिल हो गए हैं. ऐसे में ममता बनर्जी के सामने अब पार्टी को बचाने के साथ-साथ भविष्य में पार्टी को मजबूत करने की बड़ी चुनौती है.

ममता बनर्जी को लगा एक और झटका, पुराने सहयोगी और करीबी रहे मदन मित्रा भी बागी गुट में हुए शामिल 
TMC के मदन मित्रा भी बागी गुट में हुए शामिल
NDTV
कोलकाता:

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले विधयक मदन मित्रा नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट में शामिल हो गए.कामरहाटी से विधायक मित्रा ने बताया कि उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी की सभी राष्ट्रीय और राज्य समितियों से इस्तीफा दे दिया था.मदन मित्रा ने अपने इस फैसले को लेकर कहा कि उन्होंने तत्काल प्रभाव से पार्टी के मुख्य सचेतक पद से भी इस्तीफा दे दिया है. पत्रकारों से कहा कि मैंने अपना कमरा बदला है, मकान नहीं. मैं टीएमसी का ही हिस्सा हूं.इस घटनाक्रम को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जो बीते कुछ महीने से अभूतपूर्व बगावत का सामना कर रही है. 

टीएमसी से ममता बनर्जी के करीबियों का बागी गुट में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है. टीएमसी में फिलहाल हालात ऐसे हैं कि कुछ दिन पहले ही बागी गुट ने कोलकाता में पार्टी के हेड ऑफिस पर भी कब्जा जमा लिया था.कुछ समय पहले ही बंगाल टीएमसी के अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने पार्टी नेता ममता बनर्जी को पत्र लिखकर बताया था कि वह 3 जून को संभाले गए इस पद को छोड़ रही हैं. चंद्रिमा ने तृणमूल कांग्रेस और उससे जुड़ी संस्थाओं के अलग-अलग बैंक खातों के लिए हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियों से भी मुक्त किए जाने का अनुरोध किया. इसके अलावा, राज्य की पूर्व मंत्री ने चुनाव आयोग के सामने पार्टी का प्रतिनिधित्व करने की भूमिका से भी इस्तीफा दे दिया है.

चंद्रिमा भट्टाचार्य का टीएमसी छोड़ना  ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि चंद्रिमा ममता की बेहद करीब थी. एक रूप उन्हें ममता का राइट हैंड माना जाता था. लेकिन अब टीएमसी में मची भगदड़ के बीच उन्होंने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. 

कुणाल घोष ने भाजपा को ठहराया था जिम्मेदार

टीएमसी में मची भगदड़, पार्टी दफ्तर पर बागियों का कब्जा सहित अन्य मामलों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से विधायक कुणाल घोष का बयान सामने आया था. कुणाल घोष ने बंगाल की राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया था. उन्होंने दावा किया था कि ममता बनर्जी के प्रति वफादार नेताओं और विधायकों को पुराने मामलों और अन्य आरोपों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है, जबकि दूसरे खेमे के नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.

शनिवार को कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी के भीतर जो विवाद सामने आ रहे हैं, वे पूरी तरह आंतरिक मामले हैं. जिन लोगों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं और जिन समितियों या संगठनों की आलोचना की जा रही है, उनमें शामिल कई लोग स्वयं उन्हीं संस्थाओं के पदाधिकारी हैं. ऐसे में यह पूरा विवाद विरोधाभासी और भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला है.

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में राज्यसभा के तीन सीटों के उपचुनाव का ऐलान, दो तिहाई बहुमत तक पहुंचेगा एनडीए

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
TMC, Madan Mitra
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com