बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर जिले से कई बड़ी घोषणाएं कीं. सोमवार (13 जुलाई 2026) को गौराडीह प्रखंड के कासिल खरवा गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक नवस्थापित डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया और राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्य का औपचारिक शुरुआत किया. इस मौके पर उन्होंने शिक्षा, उद्योग, सड़क, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई अहम योजनाओं का भी ऐलान किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर प्रखंड तक उच्च शिक्षा की सुविधा पहुंचाना है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े. उन्होंने कहा कि खासकर ग्रामीण इलाकों के छात्रों और बेटियों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.

211 नए डिग्री कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाई
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्य की शुरुआत को बिहार के शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई क्षेत्रों में डिग्री कॉलेजों की कमी महसूस की जा रही थी. अब नए कॉलेज खुलने से हजारों छात्रों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा.
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बिहार का कोई भी छात्र केवल कॉलेज की कमी की वजह से अपनी पढ़ाई न छोड़े. नई व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के युवाओं को सबसे अधिक फायदा होगा.

भागलपुर में बनेगी AI और कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भागलपुर के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी. इसके लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय तकनीक और डिजिटल शिक्षा का है. ऐसे में बिहार के युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के बनने से छात्रों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा बिहार में ही मिल सकेगी. इससे रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर भी पैदा होंगे.

विक्रमशिला विश्वविद्यालय को मिलेगा नया स्वरूप
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय को लेकर भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2024 में नालंदा के कार्यक्रम के दौरान विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य दिया था और अब सरकार उस दिशा में तेजी से काम कर रही है.
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए करीब 220 एकड़ भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है. सरकार का लक्ष्य अगले एक साल के भीतर नए परिसर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य शुरू करना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है. इसे आधुनिक स्वरूप देकर फिर से शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा.
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए 126 करोड़ रुपये
भागलपुर की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु की स्थिति पर भी मुख्यमंत्री ने विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत के लिए 126 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल सेना की मदद से अस्थायी व्यवस्था की गई है ताकि लोगों को अधिक परेशानी न हो. सरकार का लक्ष्य है कि 30 नवंबर से पहले विक्रमशिला सेतु पूरी तरह दुरुस्त कर आम लोगों के लिए सुचारु रूप से चालू कर दिया जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल के बेहतर होने से भागलपुर और आसपास के जिलों की आवाजाही आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी.

भागलपुर में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने रोजगार और उद्योग को लेकर भी बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि भागलपुर में लगभग 400 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और दूसरे राज्यों की ओर होने वाले पलायन में कमी आएगी. सरकार का उद्देश्य भागलपुर को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग का भी मजबूत केंद्र बनाना है.
गंगा मरीन ड्राइव और रोप-वे परियोजना से बढ़ेगा पर्यटन
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंगेर से भागलपुर तक 83 किलोमीटर लंबी गंगा मरीन ड्राइव के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है. इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
इसके अलावा उन्होंने कहलगांव से बटेश्वरधाम मंदिर तक रोप-वे बनाने की योजना की भी जानकारी दी. उनका कहना था कि इससे धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
महिलाओं को लेकर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि भेजने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के खाते में तकनीकी कारणों से राशि नहीं पहुंच सकी है, उन्हें सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर 25 तारीख तक सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाएगी. सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे.
शिक्षा, उद्योग और विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इसके साथ ही विक्रमशिला विश्वविद्यालय का पुनर्स्थापन, विक्रमशिला सेतु की मरम्मत, औद्योगिक क्षेत्र का विकास, गंगा मरीन ड्राइव और रोप-वे जैसी परियोजनाएं भागलपुर के समग्र विकास की दिशा में बड़े कदम मानी जा रही हैं.
हालांकि अब सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि सरकार जिन परियोजनाओं के लिए समय-सीमा तय कर रही है, वे तय समय पर धरातल पर उतरती हैं या नहीं. यदि ये सभी योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो भागलपुर न केवल शिक्षा बल्कि उद्योग, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी बिहार के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है.
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