- मदरसे में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान छात्राएं जहरीली गैस की चपेट में आ गईं.
- मदरसा प्रबंधन के चार सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
- एक छात्रा के पिता ने बताया कि वह 12 हजार रुपये सालाना फीस जमा करते हैं.
राजस्थान के डीग जिले में शनिवार को दर्दनाक हादसा हुआ. मिलखेड़ा मदरसे में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुए हादसे में 1 छात्रा का मौत हो गई, जबकि 12 छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं. हादसे के बाद प्रशासन ने मदरसा प्रबंधन से जुड़े लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. हादसे में घायल छात्राओं के परिजनों ने बताया कि वे सालाना 12 हजार रुपये की फीस जमा करते हैं और बच्चियों को वहां पर पढ़ने के लिए छोड़ जाते हैं. अब सेप्टिक की सफाई के दौरान यह हादसा हो गया. उधर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
अलग-अलग जगहों से पढ़ने आते छात्र
मिलखेड़ा के इस मदरसे की नींव करीब 70 वर्ष पहले रखी गई थी. अलग-अलग जगहों से आए लगभग 3,000 छात्र-छात्राएं हिंदी और उर्दू की तालीम हासिल करते हैं. पुलिस के मुताबिक, आज सूचना मिली कि मिल मदरसा में स्थित गर्ल्स होस्टल में बने हुए सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान टैंक में उतरने से कई लड़कियां बेहोश हो गईं और अस्पताल में एक लड़की की मौत भी हुई है. सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि मदरसा में पढ़ने वाली लड़कियों द्वारा गटर के सेप्टिक टैंक की सफाई करवाई जा रही थी. सफाई के दौरान टैंक में बनी जहरीली गैस के कारण 12 लड़कियों और एक पुरुष की हालत बिगड़ गई. जिनको इलाज के लिए सीकरी अस्पताल ले जाया गया.
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'12 हजार रुपये सलाना फीस भरते'
हरियाणा के नूंह में दिहाना निवासी एक मनीषा के पिता कमालुद्दीन ने बताया कि हमारे पास इस घटना को लेकर मदरसे की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई थी, हमें इधर उधर से जानकारी मिली तो हम तुरंत यहां आए और अपनी बच्ची का इलाज कराया अब बच्ची ठीक है. आठ साल से लगातार हमारी बच्ची इस मदरसे में पढ़ रही है. हम बच्चियों को छोड़ कर चले जाते हैं और हम 12 हजार सालाना फीस के जमा कराते हैं.

घायल हमसिरा ने बताया कि लेटरिंग का टैंक था, उसको कुछ दिन पहले साफ किया गया था, लेकिन उसमें कुछ कचरा ओर कपड़े पड़े थे. उसको लेने एक छात्रा उतरी थी, जो वहां बेहोश हो गई. छात्रा अफरोज के पिता मोहम्मद इरसाद ने बताया सोशल मीडिया के द्वारा सूचना मिली थी कि मदरसे में एक घटना हो गई है. जिसकी सूचना पाकर हम यहां पर पहुंचे हैं. हमारी बच्ची इस समय अब ठीक है. पूर्व में साफ सफाई और टंकी सफाई को लेकर हमारे बच्चों ने कभी बताया नहीं है. ना ही प्रशासन ने हमसे कोई सवाल जवाब किया है और ना ही मिलने आए हैं.
विधायक बोलीं- सख्त कानूनी कार्रवाई
विधायक नौक्षम चौधरी ने हादसे पर कहा, "यह हादसा दिल को पूरी तरह झंझोर देने वाला है. पीड़ित बच्चियों और उनके परिवारों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है. इस मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मैंने प्रशासनिक अधिकारियों को उच्च स्तरीय जांच और घायल बच्चियों को बेहतरीन इलाज मुहैया कराने के कड़े निर्देश दिए हैं."
मदरसा संचालक समेत 4 के खिलाफ केस
पुलिस की जांच में सामने आया कि मदरसा में लड़के व लड़कियों के दो अलग-अलग कैम्पस हैं. लड़कियों के कैम्पस के अन्दर यह घटना हुई. वहां पर मौजूद अन्य लोगों से जानकारी की गई तो सामने आया कि मदरसा में लडकियों के होस्टल के पीछे सेप्टिक टैंक बना हुआ है, जिसकी पट्टियां पहले से हटी हुई थीं. इसके बाद मदरसे में पढ़ने वाली नाबालिग लड़कियों को बिना किसी सेफ्टी उपकरण के जानबूझकर उतार उनकी जान को जोखिम में डाला गया.
टैंक में जहरीली गैस बनने से उतरने वाली लड़कियां बेहोश हो गई, जिन्हें बमुश्किल खतरनाक सेप्टिक टैंक से बाहर निकाल कर अस्पताल लाया गया. पुलिस ने इस तरह की गंभीर लापरवाही के लिए डीग जिले के गोपालगढ़ में खेडलानोबाद निवासी मदरसा के संचालक मोहम्मद अरसद पुत्र कासिम, रासिद पुत्र कासिम, मोहम्मद असजद पुत्र कासिम और मोहम्मद अरसद की बहन रिजवाना व अन्य संचालक सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
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