- जबलपुर-आशापुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश सरकार का अहम प्रोजेक्ट है.
- यह जबलपुर से शुरू होकर आशापुर जो खंडवा जिले में महाराष्ट्र की सीमा तक जाएगा.
- इस प्रोजेक्ट से जबलपुर से मुंबई की दूरी कम हो जाएगी और कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
जबलपुर-आशापुर एक्सप्रेसवे बनने के बाद मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होने वाली है. 358 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण के बाद जबलपुर से मुंबई के बीच की दूरी में 200 किलोमीटर तक की कमी आएगी, जबकि दोनों शहरों के बीच का सफर 10 से 11 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इसके अलावा जबलपुर से हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, नागपुर जैसे बड़े शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार ने इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है. जिससे एमपी के महाकौशल और मालवा निमाड़ के बीच भी कनेक्टिविटी और तेज हो जाएगी. यह 4-लेन हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे हैं, जिसे भविष्य में 6 लेन में भी विस्तार किया जा सकता है. मध्य प्रदेश सड़क विकास (MPRDC) की तरफ से यह प्रोजेक्ट पूरा किया जा रहा है.
जबलपुर-मुंबई की दूरी होगी कम
जबलपुर-आशापुर एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से जबलपुर की मुंबई से दूरी कम हो जाएगी. दरअसल, वर्तमान में जबलपुर से मुंबई जाने के लिए 'जबलपुर-नागपुर' राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से जाना होता है. पहले नागपुर जाना पड़ता है फिर वहां से समृद्धि महामार्ग से होते हुए मुंबई पहुंचते हैं, दोनों शहरों के बीच की दूरी 1100 किलोमीटर तक हो जाती है, समय 14 से 15 घंटे तक लगता था. लेकिन यह एक्सप्रेसवे जबलपुर से सीधे पश्चिम-दक्षिण दिशा में हरदा और आशापुर जो खंडवा जिले में महाराष्ट्र की सीमा तक जाएगा. इससे नागपुर जाने का पूरा चक्कर खत्म हो जाएगा और वाहन सीधे महाराष्ट्र के बॉर्डर बुरहानपुर और जलगांव में एंट्री कर जाएंगे और यहां से मुंबई जाना होगा. इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी 200 किलोमीटर तक कम होगी. जबकि समय भी 11 घंटे तक हो जाएगा.
जबलपुर-आशापुर एक्सप्रेसवे इन शहरों से गुजेरगा
- जबलपुर
- नरसिंहपुर
- नर्मदापुरम
- पिपरिया
- टिमरनी
- हरदा
- आशापुर (खंडवा)

जबलपुर-इंदौर की दूरी होगी कम
जबलपुर और इंदौर के बीच की दूरी भी कम हो जाएगी. क्योंकि यह एक्सप्रेसवे जबलपुर के खंडवा तक कनेक्ट करेगा. यहां से इंदौर-हरदा फोरलेन हाईवे पर भी यह एक्सप्रेसवे जुड़ जाएगा. फिलहाल जबलपुर से इंदौर जाने के लिए भोपाल पर से जाना पड़ता है, 505 किलोमीटर होती है, समय 9 से 11 घंटे के बीच होता है. लेकिन अब खंडवा से सीधे इंदौर जाया जा सकेगा. जिससे दूरी 30 से 40 किलोमीटर तक कम होगी और समय 6 से 7 घंटे ही लगेगा.
आधुनिक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से मध्यप्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
— PWD, MP (@pwdminmp) August 12, 2026
✅ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh@MPRakeshSingh @JansamparkMP #LokNirmanSeLokKalyan #JansamparkMP #MadhyaPradesh pic.twitter.com/n65TZu5Zfv
जबलपुर-आशापुर प्रोजेक्ट का फायदा
मध्य प्रदेश सरकार के इस प्रोजेक्ट से जबलपुर से आशापुर जो खंडवा के पास महाराष्ट्र सीमा पर स्थित है, यहां तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी. साथ ही इंदौर-खंडवा रूट और जबलपुर संभाग के बीच एक सीधा और हाई-स्पीड लिंक स्थापित हो जाएगा. वर्तमान में इन शहरों के बीच पुराने रास्तों से सफर करने में काफी समय और ईधन की बर्बादी होती है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद समय की काफी बचत होगी.
MP-महाराष्ट्र की मजबूत कनेक्टिविटी
जबलपुर-आशापुर एक्सप्रेसवे के निर्माण से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी. आशापुर महाराष्ट्र बॉर्डर पर है, ऐसे में यहां से नागपुर, जालना, अमरावती, मालेगांव के पास गुजरने वाले बड़े हाईवे नेटवर्क और महाराष्ट्र के एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा. इस हाईवे पर 100 से 120 की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेगी. जिससे बिना जाम में फंसे वाहन तेजी से पहुंचेंगे. जबकि महाराष्ट्र की भी जबलपुर से होते हुए छत्तीसगढ़ वाली कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी.
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