राजस्थान में अलवर के एक सरकारी स्कूल ने छात्रों के लिए एक नई पहल की है. स्कूल ने पढ़ाई को आकर्षक बनाने के लिए हवाई जहाजनुमा क्लासरूम बना दिया है. छात्रों में इस स्पेशल कक्षा की वजह से स्कूल आने की ललक बढ़ गई है और वो उत्साह के साथ स्कूल में पढ़ाई करने आ रहे हैं. साथ ही, इस स्कूल में एडमिशन लेनेवाले छात्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है.
अलवर जिले में इंदरगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल ने कक्षाओं को मजेदार बनाने के इरादे से सीखने का यह नया तरीका निकाला है. अलवर जिले के इस सरकारी स्कूल में हवाई जहाज के आकार का स्मार्ट क्लासरूम छात्रों के सीखने के अनुभव को बदल रहा है. इस क्लास को 'एजुकेशन एयरलाइन' का नाम दिया गया है.

छात्र बड़े चाव से क्लास में जाते हैं
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टीचर के बिना भी चलती है क्लास
स्कूल के एक छात्र ललित कुमार ने कहा,"हमें पढ़ने में बहुत ही फायदा मिलता है. अगर हमारे क्लास टीजर या कोई अन्य टीचर छुट्टी पर रहते हैं या स्कूल में किसी कार्य पर नहीं आ पाते हैं तो हम खुद ही यहां पर आकर कोई भी टॉपिक डालते है तो हमें बहुत अच्छा लगता है."
डिजिटल सुविधाओं से लैस विमान जैसी दिखने वाली यह कक्षा छात्रों को तब भी खुद से सीखते रहने में मदद करती है, जब टीचर मौजूद न हों. इस पहल से छात्रों में पढ़ाई को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है, उपस्थिति में सुधार हुआ है और स्कूल में नामांकन बढ़ा है.
स्कूल की प्रधानाचार्य पुष्पा मीणा ने कहा,"यहां नवाचार के रूप में स्मार्ट क्लास, एयरप्लेन के रूप में यहां बनाया गया है. जब से यहां एयरप्लेन बना है तो बच्चों में बहुत ही एक नई उत्सुकता सी आई है. शिक्षण के प्रति बच्चों में बहुत रुचि बढ़ी है और बच्चों का जो ठहराव है यानी बच्चे नियमित विद्यालय आ रहे हैं. नामांकन में भी वृद्धि हुई है."

बिना शिक्षक के भी छात्र कक्षा का लाभ उठाते हैं
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नया और सुरक्षित माहौल
सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत को सुधारने और उन्हें नया रूप देने के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा छात्रों को दाखिला लेने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल के तहत, एक गैर-सरकारी संगठन की मदद से यह खास कक्षा बनाई गई है.
सहगल फाउंडेशन के संयोजक अंकित ओझा ने कहा "हम लोगों का उद्देश्य था कि किस तरह से बच्चों को नियमित रूप से स्कूलों में जोड़ा जा सके और नामांकन बढ़ाया जा सके. डिजिटल दुनिया से उनको जोड़ा जा सके. साथ ही, उनकी पढ़ाई में कैसे हम लोग और तरीके से सहयोग कर सकते हैं. इन सबको ध्यान में रखते हुए स्कूल का माहौल हम लोगों ने नया बनाया. ऐसा जो सुरक्षित हो बच्चों के लिए. एक सुरक्षित महौल हो और साथ-साथ उनको पढ़ाई लिखाई में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिल सके."
शिक्षा और रचनात्मकता के संगम से बने हवाई जहाज के आकार के इस स्मार्ट क्लासरूम ने इसे एक प्रेरणादायक पहचान बना दिया है.
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