राजस्थान के झुंझुनूं जिले में 20 जुलाई को हुए सड़क हादसे में एक युवा कारोबारी की मौत के मामले में परिजनों और मृतक के दोस्तों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. पिछले पांच दिनों से महिंद्रा शोरूम के बाहर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए हादसें में क्षतिग्रस्त हुई स्कॉर्पियो गाड़ी की प्रतीकात्मक 'शव यात्रा' निकाली और कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्कॉर्पियो गाड़ी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल हैं, लेकिन कंपनी अब तक पीड़ित परिवार की कोई सुध लेने नहीं पहुंची.
5 दिनों से एजेंसी के बाहर धरना
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते आंदोलन को और तेज किया गया है. मृतक तरुण के दोस्त संजय ने कहा कि महिंद्रा एजेंसी के बाहर पिछले पांच दिनों से धरना दिया जा रहा है, लेकिन कंपनी की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई. इसलिए आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई, ताकि लोग ऐसे वाहनों की सुरक्षा को लेकर सचेत हो सकें.
मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रैली महिंद्रा एजेंसी से शहीद पीरू सिंह सर्किल, एक नंबर रोड, दो नंबर रोड होते हुए पुनः पीरू सिंह सर्किल से वापस महिंद्रा एजेंसी तक निकाली. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की.

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि हादसे के समय स्कॉर्पियो गाड़ी के एयर बैग नहीं खुले थे, जिससे वाहन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहा हैं. उनका कहना है कि यदि कंपनी वाहन में आवश्यक सुरक्षा सुधार नहीं करती है तो भविष्य में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. साथ ही उन्होंने हादसे में मृत युवक के परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग भी दोहराई.
'मौत का सामान' लिख क्रेन से लटकाया
इससे पहले 29 जुलाई (बुधवार) को परिजनों और दोस्तों ने महिंद्रा शोरूम के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को क्रेन से करीब 20 फीट ऊंचाई पर लटकाकर कंपनी के खिलाफ विरोध जताया. उन्होंने वाहन पर लाल रंग से "मौत का सामान" और "20 लाख का डिब्बा" लिखकर विरोध दर्ज कराया तथा महिंद्रा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की.
सीकर से लौटते समय हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, झुंझुनूं निवासी 21 वर्षीय तरुण नायक रेंटल वाहनों का व्यवसाय करते थे. वह 20 जुलाई को अपने चार साथियों के साथ सीकर से झुंझुनूं लौट रहे थे. डूंडलोद बाइपास के पास उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से टकराने के बाद पलट गई. हादसे में तरुण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नवलगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

वाहन में सवार अन्य चार लोगों को मामूली चोटें आईं. परिजनों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार कंपनी से संपर्क किया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
वहीं, गहलोत मोटर्स के मैनेजर रवि शर्मा ने कहा कि युवक की मृत्यु पर उन्हें गहरा दुख है. उन्होंने बताया कि संबंधित वाहन मार्च के अंत में चूरू स्थित एक अधिकृत डीलरशिप से खरीदा गया था. कंपनी प्रबंधन से लगातार संपर्क किया जा रहा है और बीमा कंपनी के माध्यम से पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता दिलाने और कंपनी स्तर पर हरसंभव सहयोग करने का प्रयास किया जाएगा.
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