राजस्थान से गुजरात में मजदूरी करने गए चार युवाओं की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं. सुरेंद्रनगर जिले के वधवान क्षेत्र स्थित नागरा गांव के पास उमैया नदी में नहाने उतरे राजस्थान के चार युवकों की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. ये सभी मोरबी के एक सोलर प्लांट में काम करते थे और सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे. दर्दनाक हादसे में उनका एक साथी बच गया. जोरावरनगर थाना प्रभारी एम.आर. गोहिल ने बताया कि पांचों दोस्त मोरबी से सोमनाथ दर्शन के लिए निकले थे और रास्ते में नागरा गांव के पास नदी में नहाने रुक गए.
मस्ती करते समय हुआ हादसा
हादसे में सुरक्षित बचे कालूराम भील ने बताया कि वह नदी किनारे कपड़े धो रहा था, जबकि बाकी चार दोस्त नहाने के लिए पानी में उतरे थे. मस्ती करते-करते वे अचानक गहरे पानी की तरफ चले गए. कालूराम के शोर मचाने पर आसपास के करीब दो सौ ग्रामीण और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद चारों युवकों के शवों को बाहर निकाला.

एक दोस्त की जान बच गई
Photo Credit: NDTV
एक दोस्त की 4 महीने पहले हुई थी शादी
मृतकों में बाड़मेर के मंगले की बेरी निवासी 21 वर्षीय मोहनलाल चौधरी,जालोर निवासी 26 वर्षीय जीवाराम चौधरी,जालोर के दुधवा कुभिया निवासी 21 वर्षीय रमेशकुमार चौधरी और फलोदी निवासी 20 वर्षीय फुसाराम उर्फ खुशाराम चौधरी शामिल हैं. इनमें से मोहनलाल की शादी महज चार महीने पहले ही हुई थी. पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुरेंद्रनगर के गांधी अस्पताल भिजवा दिया है.

तीन दोस्तों - जीवाराम, मोहनलाल और रमेश - की तस्वीर (File)
Photo Credit: NDTV
चिपचिपी मिट्टी ने नहीं हुआ अंदाजा
क्षेत्र में हुई बारिश के कारण नदी में जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए थे जिनमें पानी भरा हुआ था. राजस्थान के रहने वाले होने के कारण युवकों को नदी की गहराई और तलहटी में मौजूद चिपचिपी मिट्टी का अंदाजा नहीं था जिससे पैर फंसने के कारण वे गहरे पानी से बाहर नहीं निकल सके. पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलू ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है.
ये भी पढ़ें-: राजस्थान में जाट-पाटीदार की आर्थिक स्थिति मजबूत, कुम्हार-कुमावत समाज में सबसे ज्यादा 3.32 लाख मजदूर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं