चंबल के खूंखार डकैत रहे जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को एक मामले में कोर्ट से 10 साल की कठोर कारावास की सजा मिली है. यह करीब 18 साल पुराना मामला है, जो पुलिस पर जानलेवा हमले से जुड़ा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, डकैत पप्पू गुर्जर ने 2008 में पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी. फिलहाल कोर्ट से पप्पू गुर्जर को 10 साल की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा है.
जगन गुर्जर गैंग ने की थी फायरिंग
सरकारी वकील सतीश शर्मा ने बताया कि यह घटना 25 जुलाई 2008 की है. उस समय सरमथुरा थाने के तत्कालीन निरीक्षक विजय सिंह ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग के संबंध में मामला दर्ज कराया था. एफआईआर के अनुसार, कुख्यात जगन गुर्जर की गैंग ने दोहरी माटी स्थित भैरव बाबा मंदिर के पास पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करते हुए गोलीबारी की थी.
लंबी सुनवाई के बाद डकैत पप्पू गुर्जर दोषी करार
गैंग में शामिल जगन गुर्जर के छोटे भाई पप्पू गुर्जर ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की थी. एफआईआर के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा और लंबी सुनवाई के दौरान कोर्ट में कई गवाह और सबूत पेश किए गए. इसके बाद कोर्ट ने सभी गवाहों और सबूतों का विश्लेषण किया और मामले में जगन गुर्जर के भाई डकैत पप्पू गुर्जर को दोषी करार दिया. साथ ही कोर्ट ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है.
दौसा जेल में बंद है डकैत पप्पू गुर्जर
डकैत पप्पू गुर्जर फिलहाल राजस्थान की दौसा जेल में बंद है. हाल ही में डकैत पप्पू गुर्जर के बड़े भाई जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गला घोटकर हत्या की गई थी. जगन की हत्या के मामले ने प्रदेश में भारी तूल पकड़ा था. परिजनों की मांग पर डकैत पप्पू गुर्जर को अजमेर से दौसा जेल में शिफ्ट किया गया है. शुक्रवार को पुलिस पर हमला करने के मामले में डकैत पप्पू गुर्जर को 10 साल की सजा सुनाई है.
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