भीलवाड़ा में 12 साल पहले एएसआई कालूराम को घूस में 1000 रुपये और मुर्गा लेना महंगा पड़ा गया. जहाजपुर पुलिस थाने के तत्कालीन ASI कालूराम को एसीबी कोर्ट ने दोषी माना. उन्हें 4 साल की जेल और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया. शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कालूराम को रंगे हाथ पकड़ा था.
ASI की ACB से शिकायत
अभियोजन पक्ष के अनुसार, एएसआई कालूराम के खिलाफ रमेशचंद्र मीणा और फोरूलाल मीणा ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाड़ा से 23 जुलाई 2014 में शिकायत की थी. रमेश चंद्र जहाजपुर के गेगा का खेड़ा के रहने वाले हैं.
3 हजार रुपये मांगा था घूस
उन्होंने बताया था कि घौड़ गांव के मथुरा मीणा उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं. उन्होंने भीलवाड़ा के जहाजपुर थाने में इसकी शिकायत की है. थाने में तैनात एएसआई कालूराम कार्रवाई के लिए 3000 रुपये घूस मांग रहा है. एक हजार और एक मुर्गा घूस दिया. फिर भी 2 हजार रुपये और मांग रहा है.
एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा
शिकायत के बाद एसीबी ने सत्यापन कराया, जिसमें पाया गया कि एएसआई कालूराम ने एक हजार रुपये और एक मुर्गा घूस में लिया है. एसीबी ने 25 जुलाई 2014 को आरोपी कालूराम को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
चार साल की जेल और जुर्माना
एसीबी कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी. विशिष्ट लोक अभियोजक कृष्णकांत शर्मा ने गवाह और सबूत पेश किए. विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार सिंगल ने एएसआई कालूराम कहार हो दोषी मानते हुए चार साल की जेल और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
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