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Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में तिरंगे की शान बढ़ाएंगे ये 5 भारतीय, गोल्ड पक्का!

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देशवासियों को नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, मुरली श्रीशंकर और लॉन बाउल्स टीमों से पदक की उम्मीद है.

Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में तिरंगे की शान बढ़ाएंगे ये 5 भारतीय, गोल्ड पक्का!
नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) का आगाज गुरुवार यानी कल से हो रहा है. टूर्नामेंट के दौरान कुल 74 देशों के करीब तीन हजार एथलीट्स हिस्सा लेंगे. जिसमें भारत की तरफ से कुल 126 खिलाड़ी शिरकत करने के लिए तैयार हैं. इन 126 खिलाड़ियों में से 78 एथलीट्स पुरुष, जबकि 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. देशवासियों को उम्मीद है कि टूर्नामेंट के दौरान भारत की झोली में काफी सारे गोल्ड मेडल आएंगे. कॉमनवेल्थ गेम्स के 23वें सीजन का आगाज हो, उससे पहले बात करें देश के उन पांच प्रमुख एथलीट्स के बारे में जिनसे गोल्ड मेडल की प्रबल संभावना है, तो उनके नाम कुछ इस प्रकार हैं- 

नीरज चोपड़ा (भाला फेंक)

हर बार की तरह इस बार भी देशवासियों को स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से काफी उम्मीदें हैं. टूर्नामेंट के दौरान वह 32 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम का नेतृत्व करेंगे. पिछले लंबे समय से पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट से जूझ रहे नीरज ने सीजन का आगाज दोहा डायमंड लीग से किया है. जहां वह 85.69 मीटर का थ्रो करते हुए चौथे स्थान पर रहे थे. टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले नीरज बर्मिंघम खेलों में नहीं खेल पाए थे. मगर उन्होंने 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में गोल्ड मेडल प्राप्त किया था. 

मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) 

वेटलिफ्टिंग मीराबाई चानू एथलीटों की परेड के दौरान देश का तिरंगा लेकर सबसे आगे चलेंगी. देश के लिए टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल हासिल करने वाली चानू इस बार भी लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं. 31 वर्षीय चानू दो बार की राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन हैं. पहली बार उन्होंने 2018 के दौरान गोल्ड कोस्ट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. उसके बाद वह 2022 में बर्मिंघम में भी गोल्ड पर कब्जा जमाने में कामयाब हुई थीं. आगामी सीजन में वह 48 किग्रा वर्ग में शिरकत करेंगी. 

लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी)

मुक्केबाजी में देश की सबसे बड़ी आस 28 वर्षीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन हैं. बोरगोहेन को अब भी अपने पहले राष्ट्रमंडल खेलों के पदक की दरकार है. गोल्ड कोस्ट और बर्मिंघम में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा था. मगर वह दोनों दफा पोडियम से चूक गई थीं. कल से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में वह 75 किग्रा भार वर्ग में देश की तरफ से शिरकत करेंगी. 

मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद)

बर्मिंघम में लंबी कूद के दौरान रजत पदक हासिल करने वाले एथलीट मुरली श्रीशंकर से इस बार भी लोगों को काफी उम्मीदें है. हाल के दिनों में वह भारतीय एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन करने वालों में से एक बनकर उभरे हैं. पिछले महीने भुवनेश्वर में अंतर-राज्य चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा था. जहां उन्होंने 8.38 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराया था. 

लॉन बाउल्स (महिला फोर्स और पुरुष फोर्स टीमें)

देश की लॉन बाउल्स टीमों ने बर्मिंघम खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा था. उस दौरान उन्होंने दो पदक अपने नाम किए थे. महिला फोर्स टीम गोल्ड मेडल, जबकि पुरुष फोर्स टीम सिल्वर मेडल अपने नाम करने में कामयाब हुई थी. 

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