विज्ञापन

CWG 2026: क्वालीफाइंग राउंड में नीरज चोपड़ा ने क्यों नहीं लगाया 100% दम? फाइनल से पहले 'गोल्डन बॉय' ने बताई राज की बात

दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने CWG 2026 में पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है. थ्रो के बाद उन्होंने बताया कि, मकसद फाइनल में पहुंचना और वहां अपना बेस्ट देना था, इसलिए मैं इस थ्रो से खुश हूं.

CWG 2026: क्वालीफाइंग राउंड में नीरज चोपड़ा ने क्यों नहीं लगाया 100% दम? फाइनल से पहले 'गोल्डन बॉय' ने बताई राज की बात
भारतीय स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा
IANS

दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा के साथ यशवीर सिंह और रोहित यादव कॉमनवेल्थ गेम्स में क्वालिफिकेशन राउंड में टॉप 12 में जगह बनाकर पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में पहुंच गए हैं. साल 2018 में जैवलिन थ्रो का खिताब जीतने वाले चोपड़ा 79.61 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे, जबकि रोहित यादव (78.37 मीटर) और यशवीर सिंह (78.36 मीटर) क्रमशः नौवें और 10वें स्थान पर रहे, जिससे मेडल राउंड में पूरी भारतीय टीम की मौजूदगी पक्की हो गई. 28 वर्षीय चोपड़ा ने अपना तीसरा और आखिरी प्रयास नहीं किया क्योंकि तब तक वे मेडल राउंड में जगह बना चुके थे. लगातार हवा और 18 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण पूरे इवेंट के दौरान हालात मुश्किल रहे, कोई भी खिलाड़ी 84 मीटर के ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क को पार नहीं कर सका, जिससे टॉप 12 एथलीट गुरुवार को होने वाले फाइनल राउंड में पहुंच गए.

ठंड और तेज हवा ने रोकी नीरज के थ्रो की रफ्तार

नीरज चोपड़ा ने अपने थ्रो के बाद कहा कि, 'वहां बहुत ठंड थी और तेज हवा चल रही थी, लेकिन थ्रो ठीक-ठाक था, जैसे 79 मीटर का थ्रो. मकसद फाइनल में पहुंचना और वहां अपना बेस्ट देना था, इसलिए मैं इस थ्रो से खुश हूं. हालात जैवलिन थ्रोअर्स के लिए सबसे अच्छे नहीं हैं. सिर्फ ठंड ही नहीं, बल्कि हवा भी बहुत तेज चल रही है. हवा सामने से भी नहीं आ रही थी, कभी-कभी यह साइड से आती है. यह समझना वाकई मुश्किल होता है कि थ्रो कहां करना है. कभी-कभी हम सोचते हैं, ठीक है, मैं वहां थ्रो करूंगा, लेकिन तभी हवा दूसरी तरफ से आ जाती है. आज बहुत से थ्रोअर्स को मुश्किल हो रही है.'

केवल चार खिलाड़ी 80 मीटर का मार्क पार कर सके

इस सीज़न में दोहा और रोम डायमंड लीग मीटिंग्स जीतने वाले श्रीलंका के शानदार फॉर्म में चल रहे रुमेश थरंगा पथिरागे ने पहले राउंड में 82.84 मीटर के थ्रो के साथ क्वालिफिकेशन में टॉप किया. पिछले एडिशन के सिल्वर मेडलिस्ट ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे. इसके अलावा ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (81.29m) दूसरे और दक्षिण अफ्रीका के डॉव स्मिट (80.64m) तीसरे और इंग्लैंड के
बेन ईस्ट (80.38m) चौथे स्थान पर रहे.

सातवें स्थान पर रहे पाकिस्तान के अरशद नदीम

पेरिस ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और डिफेंडिंग चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम (78.63 मीटर) और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोरन वालकॉट (78.26 मीटर) भी क्रमशः सातवें और 11वें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंच गए. केन्या के जूलियस येगो, जिन्होंने 2014 एडिशन में गोल्ड और 2022 बर्मिंघम गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, 74.50 मीटर के साथ 13वें स्थान पर रहने के कारण फाइनल में जगह नहीं बना सके.

ये भी पढ़ें- भारतीय जेवलिन की 'त्रिमूर्ति' का फाइनल में दबदबा, जानें नीरज के साथ किसकी हुई पदक की रेस में एंट्री, फाइनल में कहीं चौंका न दें

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Commonwealth Games 2026, Other Sports
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com