- BPSC में बड़ा बदलाव, हरजोत कौर बम्हरा बनीं कार्यवाहक अध्यक्ष
- कटिहार और बेगूसराय की डीएम रह चुकी हैं हरजोत कौर बम्हरा
- TRE-4 और अन्य भर्तियों के बीच BPSC की कमान संभाली
बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई के अवकाश पर जाने के बाद वरिष्ठ IAS अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा को अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के बाद उन्होंने आयोग की जिम्मेदारी संभाली है. हालांकि वह स्थायी अध्यक्ष के तौर पर नहीं हैं, बल्कि परमार रवि मनुभाई की अनुपस्थिति के दौरान यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. यह जिम्मेवारी ऐसे समय में दी गई है जब लाखों लोग शिक्षक नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे. TRE 2 और दरोगा बहाली में अनियमितता का मामला चर्चा में है.
कौन हैं हरजोत कौर बम्हरा?
हरजोत कौर बम्हरा 1992 बैच की बिहार कैडर की IAS अधिकारी हैं. उनका जन्म 11 मई 1967 को हुआ है और उनका मूल राज्य महाराष्ट्र है. वह फिलहाल बिहार राजस्व पर्षद की Chairman-cum-Member हैं. करीब तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक करियर में उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों और केंद्र की प्रतिनियुक्ति तक अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं.

हरजोत कौर बम्हरा चार्ज लेते हुए
जिलाधिकारी से अपर मुख्य सचिव तक
हरजोत कौर बम्हरा ने कटिहार और बेगूसराय की जिलाधिकारी के रूप में काम किया है. इसके बाद उन्होंने बिहार सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारी संभाली. वह महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक रह चुकी हैं. इसके अलावा खान एवं भूतत्व विभाग तथा समाज कल्याण विभाग में अपर मुख्य सचिव जैसे वरिष्ठ पदों पर भी काम किया है. वह केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति पर भी कई सालों तक रही हैं. फिलहाल, अगस्त 2025 बिहार राजस्व पर्षद के Chairman-cum-Member के पद पर रहे हैं.
अकादमिक बैकग्राउंड है मजबूत
उनकी शैक्षणिक योग्यता M.A. (Political Science) और M.A. (Industrial Development) है. यही नहीं, International Studies में M.Phil. और International Law में PG Diploma भी कर रखीं हैं. देखें तो उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है. राजनीति विज्ञान, औद्योगिक विकास और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन जैसे विषयों की पढ़ाई की हैं.
कैसी रही है प्रशासनिक कार्यशैली?
हरजोत कौर बम्हरा को स्पष्टवादी और कड़े प्रशासनिक फैसलों के लिए जानी जाती हैं. देखें तो जिला प्रशासन, सामाजिक क्षेत्र, खनन, राजस्व और केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों का लंबा अनुभव उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि का हिस्सा रहा है. अब BPSC में उनकी भूमिका परीक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़े आयोग के कामकाज को आगे बढ़ाने की होगी. यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब आयोग को TRE- 4 जैसे कई प्रतियोगी परीक्षाएं होनी है.
2022 में चर्चा में आई थी हरजोत कौर
हरजोत कौर बम्हरा वर्ष 2022 में एक विवादित बयान के कारण चर्चा में आई थीं. उस समय महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक रहते हुए छात्राओं के एक कार्यक्रम में उनकी एक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था. इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था. तब वह माफ़ी मांगी थी.
पति भी IAS अधिकारी
हरजोत कौर बम्हरा के पति दीपक कुमार सिंह भी बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं. वे भी 1992 बैच के अधिकारी हैं. फिलहाल वे बिहार राज्यपाल के प्रधान सचिव हैं.
BPSC में अब उनकी भूमिका क्या होगी?
हरजोत कौर बम्हरा के सामने फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आयोग के नियमित कामकाज को सुचारू रूप से चलाना है. हालांकि उनका प्रभार अस्थायी है. परमार रवि मनुभाई के अवकाश से लौटने के बाद BPSC अध्यक्ष की नियमित जिम्मेदारी उनके पास वापस होगी, जब तक सरकार की ओर से कोई नया आदेश न हो. बहरहाल, हरजोत कौर के समक्ष TRE 4 समेत कई परीक्षाएं की अधिसूचना घोषित करने की चुनौती है, जिसका लाखों लोग इंतजार कर रहे हैं.
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