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Who is Valluri Ajaya Babu: पिता ने जीता था CWG मेडल, बेटे अजय बाबू ने 16 साल बाद सिल्वर जीतकर रच दिया नया इतिहास

Valluri Ajaya Babu wins weightlifting silver at Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में भारत के वल्लुरी अजय बाबू ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि मलेशिया के मुहम्मद एरी हिदायत ने एक रोमांचक मुकाबले के आखिरी लिफ्ट के साथ गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की.

Who is Valluri Ajaya Babu:  पिता ने जीता था CWG मेडल, बेटे अजय बाबू  ने 16 साल बाद सिल्वर जीतकर रच दिया नया इतिहास
CWG 2026: Ajaya Babu wins 79kg silver

Valluri Ajaya Babu: तेजी से उभर रहे भारतीय भारोत्तोलक वल्लुरी अजय बाबू ने राष्ट्रमंडल खेलों में सोमवार रात पुरुषों के 79 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. इसके साथ ही भारोत्तोलन में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा. आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले 21 वर्षीय अजय बाबू ने स्नैच में 149 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 181 किग्रा वजन उठाकर कुल 330 किग्रा का भार दर्ज किया. उन्होंने दोनों वर्गों में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन स्वर्ण पदक से वह मामूली अंतर से चूक गए.

मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने कुल 331 किग्रा (147 किग्रा स्नैच और 184 किग्रा क्लीन एवं जर्क) उठाकर स्वर्ण पदक जीता. इंग्लैंड के क्रिस मरे ने कुल 325 किग्रा भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जहां हिदायत ने पहले क्लीन एवं जर्क में 181 किग्रा उठाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन कुछ ही क्षण बाद अजय बाबू ने अपने अंतिम प्रयास में 181 किग्रा उठाकर रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और कुल भार 330 किग्रा तक पहुंचा दिया। मलेशिया के खिलाड़ी ने हालांकि अंतिम प्रयास में 184 किग्रा उठाकर फिर रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण अपने नाम कर लिया.

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इससे पहले स्नैच वर्ग में अजय बाबू ने शुरुआत 145 किग्रा के सफल प्रयास से की. दूसरे प्रयास में 149 किग्रा उठाने में नाकाम रहने के बाद उन्होंने अंतिम प्रयास में वापसी करते हुए वही भार सफलतापूर्वक उठाया और नया खेल रिकॉर्ड बनाया. स्नैच के बाद वह इंग्लैंड के क्रिस मरे (148 किग्रा) और मलेशिया के हिदायत (147 किग्रा) से आगे थे.

कौन है अजय बाबू, पिता ने भी जीता था मेडल

अजय बाबू आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के कोंडावेलागाडा गांव के रहने वाले हैं. यह गांव वेटलिफ़्टिंग की पुरानी परंपरा और पत्थर उठाने की पारंपरिक संस्कृति के लिए मशहूर है. उनके पिता वल्लुरी श्रीनिवास राव, जो पहले इंटरनेशनल लिफ्टर रह चुके हैं और अब फूलों की खेती करते हैं, उन्होंने साल 2010 के दिल्ली गेम्स में 56 किग्रा कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, 16 साल बाद, अपने पिता की देखरेख और शुरुआती मार्गदर्शन में, युवा वल्लुरी ने कॉमनवेल्थ मंच पर उनसे भी बेहतर प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया. 

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CWG 2026 में भारत के 6 वेटलिफ्टिंग मेडलिस्ट

  • मीराबाई चानू — गोल्ड (महिलाओं का 48kg)
  • वल्लुरी अजय बाबू — सिल्वर (पुरुषों का 79kg)
  • ज्ञानेश्वरी यादव — सिल्वर (महिलाओं का 53kg)
  • चानंबम ऋषिकंत सिंह — सिल्वर (पुरुषों का 60kg)
  • मुथुपंडी राजा — सिल्वर (पुरुषों का 65kg)
  • बिंद्यारानी देवी — ब्रॉन्ज़ (महिलाओं का 58kg)
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