विश्व कप में भारत और पाकिस्तान की हॉकी टीमों का पिछला मुकाबला 16 साल पहले दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर हुआ था जब राजपाल सिंह की कप्तानी वाली मेजबान टीम ने 4-1 से जीत दर्ज करके उसी मैदान पर 28 साल पहले मिले जख्मों पर मरहम लगाया था. एशियाई दिग्गज भारत और पाकिस्तान का सामना विश्व कप में 16 साल बाद बुधवार को वेगनेर स्टेडियम पर होगा.
इससे पहले हॉकी के महासमर में दोनों टीमों की टक्कर 2010 में हुई थी जबकि 2014 और 2023 विश्व कप में पाकिस्तान क्वालीफाई नहीं कर सका था और 2018 में दोनों टीमों का सामना नहीं हुआ था. 2010 के विश्व कप मुकाबले से पहले काफी हाइप बन गई थी चूंकि 1982 में उसी मैदान पर पाकिस्तान ने एशियाई खेलों के फाइनल में भारत को 7-1 से हराया था.
उस समय भारत के कप्तान रहे राजपाल ने भाषा से कहा,"विश्व कप से ठीक पहले साल्टा में हमने पाकिस्तान से चैम्पियंस चैलेंज टूर्नामेंट में खेला था जहां हम हार गए थे. हार के बाद जब टीम कूल डाउन कर रही थी तो पाकिस्तान के दो खिलाड़ी मेरे पास आकर बोले कि क्या हुआ, आज आप खेल नहीं सके तो मैने उसे जवाब दिया था कि 28 फरवरी 2010 को बात करना."
विश्व कप का पहला मैच भारत और पाकिस्तान के बीच 28 फरवरी 2010 को था. राजपाल ने कहा,"उसी मैदान पर पाकिस्तान ने हमें एशियाई खेलों में हराया था तो उसका दबाव बहुत था लेकिन टीम की तैयारी अच्छी थी तो हम दबाव से निकल गए. उस जीत ने पुराने जख्मों पर मरहम लगाया."
उस मैच में पहला गोल करने वाले शिवेंद्र को आज भी वह पल याद है जब उन्होंने गोल के बाद दर्शकों को सैल्यूट किया था. विश्व कप में भारतीय कोचिंग स्टाफ के सदस्य शिवेंद्र ने कहा,"वह मैच खास था क्योंकि विश्व कप में हमारा पहला मैच था और 1982 की कड़वी यादों को लेकर काफी हाइप को गई थी. मैने पहले से सोचा था कि मैं गोल करूंगा. उस समय मैदान खचाखच भरा था और गोल करने के बाद समर्थकों को धन्यवाद देने के लिये सैल्यूट किया था."
उन्होंने कहा कि भले ही टीमों के प्रदर्शन में अब काफी अंतर आ गया हो लेकिन भारत पाकिस्तान मैच हमेशा खास रहता है. उन्होंने कहा,"भारत पाकिस्तान का मैच हमेशा अलग होता है और जज्बात हावी हो जाते हैं. पिछले पांच छह साल से पाकिस्तान उतनी मजबूत टीम नहीं रही लेकिन इसके बावजूद यह मैच खास होगा."
राजपाल के अनुसार भारत के सीनियर खिलाड़ियों को और जिम्मेदारी से खेलना होगा जबकि शिवेंद्र ने कहा कि पाकिस्तान के पलटवार से सचेत रहना होगा.
भारत के लिये 147 मैच खेलने वाले राजपाल ने कहा,"मैच तो सौ फीसदी भारत ही जीतेगा लेकिन अभी तक विश्व कप के दो मैचों की समीक्षा की जाये तो भारतीय टीम अति रक्षात्मक खेल रही है. फॉरवर्ड पंक्ति भी 25 मीटर में खेल रही है. हमारी आक्रामक शैली को डिफेंस में भी अपनाना चाहिये. जब जब हमने डिफेंस में प्रेस किया है तो हम आसानी से जीते हैं."
उन्होंने यह भी कहा,"मनप्रीत सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ी मैदान पर दिखना चाहिये. शाहबाज अहमद या धनराज पिल्लै जैसे खिलाड़ी मैदान पर उतरते थे तो लगता था कि सीनियर खेल रहे हैं. मनप्रीत को पहले दो मैचों में देखकर लगा ही नहीं कि वह 419 मैच खेल चुके हैं. उन्हें मोर्चे से अगुवाई करनी होगी."
वहीं शिवेंद्र ने कहा,"पाकिस्तान का पलटवार बहुत अच्छा है और पेनल्टी कॉर्नर दमदार है. प्रो लीग और यहां भी दोनों मैचों में हमने देखा कि उनके फॉरवर्ड अच्छे हैं तो हमें इसका ध्यान रखना होगा."
यह भी पढ़ें: डेविड वॉर्नर दोषी करार, कप्तान पर मंडराया खतरा, वकील ने की यह अपील
यह भी पढ़ें: ऋषभ पंत के 100 छक्के पूरे: 148 सालों के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी, गिलक्रिस्ट, मैकुलम भी छूटे पीछ
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं