मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर राज्य की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने NDTV को दिए एक विशेष साक्षात्कार में सरकार का पक्ष विस्तार से रखा. उन्होंने कहा कि प्रदूषण केवल मुंबई की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर की चुनौती है और जलवायु परिवर्तन से जुड़ा व्यापक मुद्दा है. उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान कैसे हो इसे लेकर हम तमाम उपायों पर विचार कर रहे हैं.
“प्रदूषण वैश्विक चिंता, लेकिन स्थानीय जिम्मेदारी भी जरूरी”
पंकजा मुंडे ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण सिर्फ मुंबई की चिंता नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इससे जूझ रही है. हम सभी क्लाइमेट चेंज पर काम कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि प्रदूषण बढ़ क्यों रहा है? उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यह लड़ाई सरकार अकेले नहीं लड़ सकती. “हर व्यक्ति को अपने कार्बन उत्सर्जन के प्रति जिम्मेदार बनना होगा. जनभागीदारी के बिना सुधार संभव नहीं है.
1100 से ज्यादा ‘स्टॉप वर्क' नोटिस
मुंबई में जारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं—मेट्रो, सड़क और निर्माण कार्य—को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्य सुचारु रूप से जारी हैं, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरती जा रही है. उन्होंने कहा कि जहां नियमों का उल्लंघन होता है, वहां हम तुरंत स्टॉप वर्क नोटिस जारी करते हैं. अब तक 1100 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं.
‘भ्रामक आंकड़ों' पर सवाल, SAMEER ऐप डाउनलोड करने की अपील
हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में प्रदूषण स्तर 600-700 AQI तक पहुंचने की खबरों पर मंत्री ने सवाल उठाए.उन्होंने कहा कि मुंबई में इस तरह का प्रदूषण स्तर कभी नहीं हुआ.लोग प्रामाणिक जानकारी के लिए CPCB और MPCB के डेटा पर आधारित SAMEER ऐप डाउनलोड करें. हम उसी आधिकारिक डेटा का पालन करते हैं.
BMC और राज्य का संयुक्त डैशबोर्ड
मंत्री ने बताया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निर्माण स्थलों पर प्रदूषण मॉनिटरिंग यूनिट्स स्थापित की हैं. राज्य सरकार ने भी बड़े क्षेत्रों में मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए हैं.उन्होंने कहा कि हमने संयुक्त डैशबोर्ड तैयार किया है, जिससे रियल-टाइम में वायु गुणवत्ता की निगरानी की जाती है और उसी के आधार पर कार्रवाई होती है.
AI और टेक्नोलॉजी का बढ़ता उपयोग
पंकजा मुंडे ने कहा कि मानव हस्तक्षेप कम करने और सटीक परिणाम पाने के लिए अधिकतम AI और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है.उनका विभाग नोटिस जारी कर ‘व्हिसलब्लोअर' की भूमिका निभाता है, लेकिन वास्तविक सुधार के लिए स्थानीय नियमों—विशेषकर BMC के दिशा-निर्देशों—का पालन जरूरी है.
“मिलकर काम करेंगे तो हालात सुधरेंगे”
साक्षात्कार के अंत में मंत्री ने भरोसा जताया कि यदि मुंबईकर सरकार के साथ सहयोग करें और सामूहिक रूप से जिम्मेदारी निभाएं, तो आने वाले दिनों में मुंबई की वायु गुणवत्ता में सुधार जरूर होगा.मुंबई में प्रदूषण को लेकर राजनीतिक बहस के बीच यह बयान सरकार के सख्त लेकिन सहयोगात्मक रुख को दर्शाता है. अब देखना होगा कि AI आधारित मॉनिटरिंग और कड़े प्रवर्तन से जमीनी स्तर पर कितना बदलाव आता है.
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