मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले तीन सालों में 2715 घोषणाएं कीं. यानी हर दिन लगभग ढाई घोषणा. राज्य सरकार ने कांग्रेस विधायक रामचन्द्र दांगी के एक सवाल के लिखित जवाब में विधानसभा में यह जानकारी दी है. विधानसभा के पांच दिवसीय मॉनसून सत्र के पहले दिन राजगढ़ जिले की ब्यावरा सीट से पहली बार विधायक बने रामचंद्र दांगी के सवाल किए थे. इसके लिखित जवाब में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को बताया कि सीएम ने जून 2020 और जून 2023 के बीच 2715 घोषणाएं की हैं.
इन कुल 2715 घोषणाओं में से 489 घोषणाएं 2020 (जून से दिसंबर 2020) के छह महीनों में की गईं. अधिकतम 880 घोषणाएं 2021 में की गईं, 753 घोषणाएं 2022 में की गईं, जबकि 2023 के पहले 6 महीने में 592 घोषणाएं की गईं.
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कांग्रेस विधायक रामचंद्र दांगी ने कहा कि सरकार ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया है कि पिछले तीन सालों में की गई कितनी घोषणाएं वास्तव में पूरी हुईं हैं. दांगी ने कहा, "राज्य सरकार ने जवाब दिया है कि सवाल के अन्य हिस्सों का जवाब देने के लिए जानकारी इकट्ठा की जा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि कितनी घोषणाएं पूरी की गईं."
22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के कारण कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने के ठीक बाद, मार्च 2020 में शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.
सीधी कांड को लेकर मध्य प्रदेश की 15वीं विधानसभा के आखिरी यानी मानसून सत्र के पहले दिन ही खूब हंगामा हुआ, सदन की कार्यवाही शुरु होते ही राष्ट्रगीत से पहले कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने बात रखनी चाही, तो संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्र ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बता दिया. शून्यकाल में फिर मामला उठा, सदस्य वेल में आ गये 10 मिनट के लिये सदन स्थगित हुआ. फिर भी हंगामा नहीं रुका तो सत्र को 12 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
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