
मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम का दुरूपयोग नहीं होने संबंधी सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं हैं. चौहान द्वारा बालाघाट में एससी/एसटी एक्ट के संबंध में दिये बयान पर पूछे गये सवाल के जवाब में कमलनाथ ने यहां संवाददाताओं को बताया कि देखिये, मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं तो उनसे पूछना चाहूंगा कि आपने (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी से सलाह लेकर उनकी स्वीकृति से क्या यह बयान दिया था. कमलनाथ ने बताया कि चौहान ने तो मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. अगर आप शपथ पढ़ें तो उन्होंने कहा कि हम देश के संविधान एवं कानून का पालन करेंगे तो वह इसका जवाब आपको खुद दें कि उन्होंने किस से सलाह ली.
यह भी पढ़ें: SC/ST Act में परिवर्तन के लिए सबसे ज्यादा भाजपा जिम्मेदार : दिग्विजय
एससी/एसटी एक्ट की स्थिति यहां (मध्यप्रदेश में) क्या है. उन्होंने कहा, कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होता. न हम होते हैं, न वह होते हैं. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री चौहान ने गुरूवार को बालाघाट में कहा था कि राज्य सरकार एससी/एसटी एक्ट का मध्यप्रदेश में दुरूपयोग नहीं होने देगी. इस एक्ट के तहत की गई शिकायतों की पूरी जांच के बाद ही किसी के खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा. बिना जांच की गिरफ्तारी नहीं होगी. इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल्द ही निर्देश जारी किया जायेगा.
यह भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव से पहले MP कांग्रेस में गुटबाजी की खबरों के बीच राहुल ने की बैठक, दी यह सलाह
गौरतलब है कि कांग्रेस के ही नेता दिग्विजय सिंह ने व्यापम घोटाले को लेकर शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती पर निशाना साधा था. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने व्यापम घोटाले में भागीदारी को लेकर शिवराज सिंह चौहान और उमा भारती समेत 18 लोगों के खिलाफ चायिका दायर की है. इस याचिका में दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने इंदौर थाने एक्सल शीट से छेड़छाड़ की है. इस मामले को लेकर दिग्विजय सिंह ने विशेष जज सुरेश सिंह की अदालत में अपना बयान दर्ज कराया. खास बात यह है कि कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा दिग्विजय सिंह का पक्ष रख रहे हैं.
यह भी पढ़ें:शिवराज सिंह के देशद्रोही कहने पर दिग्विजय सिंह उतरे सड़क पर, मार्च निकाला
खास बात यह है कि कुछ महीने पहले ही व्यापम घोटाला मामले में सीबीआई संविदा शिक्षा परीक्षा वर्ग-3 में गड़बड़ी के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी. ये चार्जशीट केंद्रीय मंत्री उमा भारती के लिये राहत बनकर आई थी. क्योंकि मामले में उन्हें क्लीन चिट मिल गई है. मामले में एजेंसी ने 83 उम्मीदवारों समेत 95 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
VIDEO: मध्यप्रदेश में राम की राह पर कांग्रेस.
व्यापम घोटाले को लेकर उमा भारती मुखर थीं, लेकिन कांग्रेस ने आरोप लगाया कि संविदा शिक्षा परीक्षा वर्ग-3 में दो उम्मीदवारों की सिफारिश में उमा का नाम भी एक्सेल शीट में है. लेकिन मास्टर माइंड पंकज त्रिवेदी और नितिन मोहिंद्रा ने इस बारे में कुछ नहीं कहा जिससे उमा को क्लीन चिट मिल गई. (इनपुट भाषा से)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं