विज्ञापन

'गजनी से आज के 17 करोड़ मुसलमानों का क्या लेना-देना?', सोमनाथ में पीएम के भाषण पर ओवैसी का तीखा पलटवार

ओवैसी ने कहा, 'आज के 17 करोड़ भारतीय मुसलमानों का महमूद गजनी से क्या संबंध है? क्यों लिया जा रहा है इतिहास का बदला?' उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राजनीति को मध्यकालीन इतिहास से जोड़ने की कोशिशें सिर्फ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं. 

'गजनी से आज के 17 करोड़ मुसलमानों का क्या लेना-देना?', सोमनाथ में पीएम के भाषण पर ओवैसी का तीखा पलटवार

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ मंदिर में दिए हालिया भाषण पर करारा जवाब दिया. ओवैसी ने सवाल उठाया कि सदियों पहले महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए हमलों के लिए आज के भारतीय मुसलमानों को क्यों जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?

ओवैसी ने कहा, 'आज के 17 करोड़ भारतीय मुसलमानों का महमूद गजनी से क्या संबंध है? क्यों लिया जा रहा है इतिहास का बदला?' उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राजनीति को मध्यकालीन इतिहास से जोड़ने की कोशिशें सिर्फ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं. 

यह भी पढ़ें- ईरान पर 'महाहमले' की तैयारी में अमेरिका, ये 3 संकेत दे रहे गवाही

'एक समुदाय को निशाना बनाना...'

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के कथित बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें इतिहास का बदला लेने की बात कही गई थी, ओवैसी ने चेतावनी दी कि इतिहास का चयनात्मक इस्तेमाल करके एक समुदाय को निशाना बनाना सिर्फ समाज में घृणा बढ़ाएगा. उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर इतिहास को तोड़-मरोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि अगर पुराने इतिहास के आधार पर बदला लिया जाए तो रामायण-महाभारत की घटनाओं का भी बदला लेना पड़ेगा, जो बेतुका है.

'पुरानी घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं'

ओवैसी ने इस तरह की राजनीति को आधुनिक भारत के लिए खतरनाक करार दिया और कहा कि वर्तमान पीढ़ी को सदियों पुरानी घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. यह बयान हाल के दिनों में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान पीएम मोदी के भाषण के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक हमलों का जिक्र किया था. 

यह भी पढ़ें- जेल से बाहर आने की कोशिश में अबू सालेम... भाई के निधन पर मांगी 14 दिन की पैरोल, सरकार ने रखा 2 दिन का विकल्प

यह विवाद राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है, जहां एक तरफ इतिहास की यादें ताजा की जा रही हैं, तो दूसरी तरफ वर्तमान समुदायों के बीच एकता की अपील की जा रही है.


 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com