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ईरान पर 'महाहमले' की तैयारी में अमेरिका, ये 3 संकेत दे रहे गवाही

ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि, "मैंने प्रदर्शनकारियों की बेतुकी हत्या बंद होने तक ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. मदद जारी है." यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका अब कूटनीति के बजाय दबाव की रणनीति अपना रहा है.

ईरान पर 'महाहमले' की तैयारी में अमेरिका, ये 3 संकेत दे रहे गवाही

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. हालिया घटनाक्रम और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख से यह संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्र में किसी भी समय बड़ी सैन्य कार्रवाई हो सकती है. तीन बातें एक साथ हुई हैं और वो संकेत दे रहे हैं कि आज की रात ईरान के लिए लंबी हो सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही ईरान में कोई बड़ी कार्रवाई करने वाले हैं. इसके साफ संकेत उन्होंने मंगलवार को दिए.

1. राष्ट्रपति ट्रंप का प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता और प्रदर्शनकारियों को सीधा संदेश दिया है. उन्होंने लिखा: "ईरानी देशभक्त, विरोध करते रहें - अपने संस्थानों पर कब्ज़ा करें. हत्यारों और दुर्व्यवहार करने वालों के नाम बचाएं. उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी."

ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि, "मैंने प्रदर्शनकारियों की बेतुकी हत्या बंद होने तक ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. मदद जारी है." यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका अब कूटनीति के बजाय दबाव की रणनीति अपना रहा है.

2. इज़राइल की सुरक्षा कैबिनेट की आपातकालीन बैठक

तनाव का दूसरा बड़ा संकेत इज़राइल से मिला है. इज़राइल की सुरक्षा कैबिनेट ने स्थानीय समयानुसार शाम 7:00 बजे एक आपातकालीन बैठक बुलाई है. इस बैठक का एकमात्र एजेंडा 'ईरान' है. इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इस बैठक को सैन्य कार्रवाई की तैयारी या जवाबी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

3. पेंटागन द्वारा सैन्य विकल्पों का विस्तार

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पेंटागन राष्ट्रपति ट्रंप के सामने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य विकल्प पेश कर रहा है. ये विकल्प पिछली रिपोर्टों की तुलना में कहीं अधिक विस्तृत और आक्रामक बताए जा रहे हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि अमेरिका केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक कार्रवाई पर विचार कर रहा है.

ट्रंप का ये ऐलान ऐसे समय आया है, जब ईरान के सैकड़ों शहरों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. विरोध की आवाज दबाने के लिए ईरानी सरकार ने देश भर में इंटरनेट को लगभग पूरी तरह ठप कर दिया है. इस ब्लैकआउट का मकसद प्रदर्शनों से जुड़ी जानकारियों और वीडियो को दुनिया के सामने आने से रोकना बताया जा रहा है.

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